किलियन एम्बाप्पे ने वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है. उन्होंने शनिवार को मियामी में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरे स्थान के लिए हुए प्लेऑफ़ मैच में अपने करियर का 21वां और 22वां गोल किया. फ्रांस के लिए पहला हाफ बहुत बुरा रहा और शुरुआती 45 मिनट के बाद वे 4-0 से पीछे थे. लेकिन 48वें मिनट में एम्बाप्पे के गोल ने 'लेस ब्लूज़' (फ्रांस की टीम) की शानदार वापसी कराई. ब्रैडली बारकोला ने इंग्लैंड की बढ़त को कम करके दो गोल का अंतर कर दिया और फिर फ्रांस के कप्तान ने 66वें मिनट में एक और गोल किया.
अर्जेंटीना के टूर्नामेंट के पहले मैच में हैट्रिक लगाने के बाद, मेसी ने ऑस्ट्रिया के ख़िलाफ़ दो गोल करके सबसे ज़्यादा गोल करने वाले पिछले रिकॉर्ड-होल्डर मिरोस्लाव क्लोज़ को पीछे छोड़ दिया था. उन्होंने जॉर्डन, केप वर्डे और मिस्र के ख़िलाफ़ भी गोल किए, लेकिन अब एम्बाप्पे ने अर्जेंटीना के खिलाड़ी की इस उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया है.
रियल मैड्रिड के इस फॉरवर्ड के दो गोल ने उन्हें टूर्नामेंट की 'गोल्डन बूट' की रेस में भी मेसी से आगे कर दिया है. एम्बाप्पे ने नॉर्थ अमेरिका में 10 गोल किए हैं, जबकि मेसी के नाम आठ गोल हैं.
एमबाप्पे 2018 में वर्ल्ड कप में छाए थे, जहां उन्होंने 'यंग प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' का अवॉर्ड जीता, चार गोल किए और फ्रांस को ट्रॉफी जिताने में मदद की. 27 साल के इस खिलाड़ी ने चार साल बाद फ़ाइनल में हैट्रिक लगाई, लेकिन 2022 में अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप जिताने से मेसी को नहीं रोक पाए.
मेसी को अपने करियर की शुरुआत में बार्सिलोना वाला शानदार फ़ॉर्म इंटरनेशनल लेवल पर दिखाने में काफ़ी संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन वर्ल्ड कप में उन्होंने अपनी लय हासिल कर ली. 2014 में जर्मनी के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में हारने के आठ साल बाद, उन्होंने कतर में वर्ल्ड कप जीतकर उस मुकाम को हासिल किया जिसे कई लोग उनकी किस्मत मान रहे थे.
अब 39 साल की उम्र में अपना छठा वर्ल्ड कप खेल रहे मेसी के पास एमबाप्पे से रिकॉर्ड वापस लेने का मौका है, जब वह रविवार को स्पेन के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में अपनी टीम की कप्तानी करेंगे.
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