लियोनेल मेस्सी और अर्जेंटीना लगातार दूसरे फीफा विश्व कप फाइनल में पहुंच गए हैं. फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट में उनके पूरे दौर की तरह, इंग्लैंड पर उनकी सेमीफाइनल जीत नाटकीय अंदाज में आई, क्योंकि उन्होंने 0-1 से पिछड़ने के बाद 2-1 से शानदार वापसी की. एंज़ो फर्नांडीज ने 86वें मिनट में गोल के साथ पहले अर्जेंटीना को बराबरी करवाई, जबकि लुटारो मार्टिनेज ने इंजरी टाइम में निर्णायक गोल किया. मेस्सी एक बार फिर अर्जेंटीना के कमबैक के केंद्र में रहे, क्योंकि उन्होंने दोनों ही गोल के लिए असिस्ट किया.
आखिरी मिनटों में पल्टी बाजी
अटलांटा में 68,239 दर्शकों के सामने खेले गए सेमीफ़ाइनल में, हाफ़-टाइम के 10 मिनट बाद एंथनी गॉर्डन के गोल से इंग्लैंड बढ़त बनाने में कामयाब रहा और 1966 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पहुंचने की राह पर था.
दोनों देशों के बीच वर्ल्ड कप में कुछ ज़बरदस्त मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें कई ऐतिहासिक पल आए. बुधवार का यह मैच भी इसमें शामिल हो गया है. अर्जेंटीना के लिए यह मैच इसलिए भी यादगार रहेगा क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड के मुंह से एक तरह से जीत छीन ली और उसकी गलतियों का फायदा उठाकर उसे दो ज़ोरदार झटके देकर जीत से रोक दिया.
0-1 से 2-1 तक: अर्जेंटीना के वापसी की कहानी
पहले हाफ के बाद मेसी लगातार इंग्लैंड के डिफेंस को तोड़ने में सफल रहे. पहले हाफ में मेसी सिर्फ 17 टच कर पाए थे. लेकिन दूसरे हाफ में उनके पास गेंद का पोजेशन भी अधिक रहा और टच भी. दूसरे हाफ में खेल अधिकतर इंग्लैंड के एरिया में रहा. मेसी ने मुकाबले में कुल 54 पास दिए जिसमें से 43 सटीक रहे. विरोधी टीम के हाफ में उनके कुल 45 पास में से 35 सटीक रहे. मेसी ने ज्यादातक अटैक राइट विंग से किए और दोनों ही मौके बनाए वो यहीं से बनाए, जिन पर गोल हुए. दूसरे हाफ में इंग्लैंड का डिफेंस मेसी को रोकने में नाकाम दिखा.
मेसी ने 85वें मिनट में एंज़ो फर्नांडेज़ को गोल करने में मदद की जिससे स्कोर बराबर हो गया. इसके बाद, जब एक्स्ट्रा टाइम होने वाला था, मेसी ने सब्स्टीट्यूट लॉटारो मार्टिनेज़ के लिए क्रॉस किया और उन्होंने स्टॉपेज टाइम के दूसरे मिनट में हेडर से विनिंग गोल कर दिया.
अर्जेंटीना के कोच का प्लान रहा सफल
हो सकता है कि यह 1986 में इंग्लैंड को हराने वाले डिएगो माराडोना के शानदार प्रदर्शन जैसा न हो, लेकिन इस बार इन गोलों ने अर्जेंटीना को हार की कगार से जीत की मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था. रेफरी की फाइनल विसल बजने के बाद यही स्कोरलाइन रही, क्योंकि इंग्लैंड वापसी नहीं कर पाई.
मैदान के बाहर से, अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखने के लिए सही फैसले लिए. शुरुआती लाइनअप में रोड्रिगो डी पॉल की जगह जूलियानो सिमियोन को लाकर उन्होंने एक ऐसा बदलाव किया जिस पर सवाल उठ सकते थे, लेकिन दूसरे हाफ में उन्होंने अपनी गलतियों को सुधार लिया.
फ़र्नांडेज़ इंग्लैंड के लिए सिरदर्द बने
मैच की शुरुआत से ही फ़र्नांडेज़ की भूमिका अहम रही. पहले हाफ में उन्होंने दूर से शॉट मारकर पिकफ़ोर्ड का टेस्ट लिया था. लेकिन 85वें मिनट में उन्होंने ऐसा कुछ किया जिसने मैच का रुख ही बदल दिया. कॉर्नर के दौरान इंग्लैंड ने अर्जेंटीना को बहुत ज़्यादा जगह दे दी और मेसी ने इंग्लैंड के बॉक्स के किनारे पर खड़े फ़र्नांडेज़ को गेंद पास की. उन्होंने पिकफ़ोर्ड के गोल की ओर एक नज़र डाली और गेंद को नेट के कोने में पहुंचा दिया. उनके मिडफ़ील्ड साथी मैक एलिस्टर का ज़िक्र करना भी ज़रूरी है, जिन्होंने ज़बरदस्त खेल दिखाया. दो बार गेंद गोलपोस्ट (वुडवर्क) से टकराई, और उन पलों ने अर्जेंटीना को खेल की रफ़्तार और बढ़ाने के लिए और भी प्रेरित किया.
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