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FIFA वर्ल्ड कप में 4 भारतीय तड़का, जबकि भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी कर रहे कॉन्ट्रैक्ट का इंतजार

भारत ने 1950 के ब्राज़ील वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफ़ाई तो किया था, मगर भारतीय टीम फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने ही नहीं गई और इसके बाद भारतीय टीम कभी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफ़ाई नहीं कर पाई. 

FIFA वर्ल्ड कप में 4 भारतीय तड़का, जबकि भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी कर रहे कॉन्ट्रैक्ट का इंतजार
A 'Four-fold Indian Flavor' at the FIFA World Cup

सिर्फ 8 दिनों बाद जब अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में FIFA वर्ल्ड कप शुरू होगा, तब हर बार की तरह इस बार भी भारतीय फ़ैन्स फ़ुटबॉल-फ़ीवर में सराबोर होंगे. इस बार एक अलग बात ये होगी कि 39 दिन और 104 मैचों वाले इस सबसे लंबे वर्ल्ड कप की 48 टीमों में भारतीय फ़ैन्स को ‘अपने' स्टार्स को भी प्रदर्शन करता देख सकेंगे. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 4 भारतीय मूल के खिलाड़ी कतर, न्यूज़ीलैंड, कॉन्गो और ऑस्ट्रेलिया की टीमों के लिए खेलते नज़र आएंगे. इन ‘भारतीय-मूल' खिलाड़ियों को लेकर तो कांग्रेस राजनेता शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी कर डाला है. 

भारतीय फ़ुटबॉल फ़ैन्स का दर्द

फ़ुटबॉल के सबसे बड़े त्यौहार में यकीनन भारतीय फ़ैन्स शामिल होंगे. लेकिन भारतीय फ़ुटबॉल खिलाड़ियों की हालत जानकर अफ़सोस भी करेंगे. भारतीय फ़ुटबॉल कप्तान संदेश झिंगन समेत तकरीबन 150 फ़ुटबॉल खिलाड़ियों का कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हो गया है. भारतीय फ़ुटबॉल संघ और अलग-अलग क्लबों के बीच संघर्ष (पैसों की हिस्सेदारी को लेकर) जारी है. भारत की मौजूदा फ़ीफ़ा रैंकिंग भी 136 है. 

केरल-मूल के तहसीन जमशेद क़तर टीम में 

केरल मूल के 19 साल के विंगर तहसीन जमशेद का नाम क़तर टीम में आते ही इस फ़ुटबॉल-जुनूनी राज्य के फ़ैन्स खुशी से उछल पड़े. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने उन्हें लेकर ‘X' पर एक पोस्ट भी डाला. उन्होंने लिखा, “भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए ऐतिहासिक पल! जैसे-जैसे 2026 FIFA वर्ल्ड कप नजदीक आ रहा है, भारतीय मूल के दो खिलाड़ी वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ेंगे.


शशि थरूर ने तहसीन जमशेद के बारे में लिखा, “19 साल के विंगर तहसीन मोहम्मद जमशिद ने कतर की राष्ट्रीय टीम के लिए चुने जाने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है. वह केरल के कन्नूर से जुड़ी अपनी पारिवारिक जड़ों का गौरव साथ लेकर चल रहे हैं.” 19 साल के तहसीन का जन्म केरल के कन्नूर में हुआ था. उनके माता-पिता केरल के मलयाली परिवार से आते हैं. तहसीन के पिता कतर की अंडर-17 और अंडर-19 टीम के लिए फ़ुटबॉल खेल चुके हैं. तहसीन को अपना फ़ुटबॉल करियर बनाने में इससे काफ़ी मददल मिली है.  

तमिल-मूल के निशान मैथ्यू वेलुपिल्लै ऑस्ट्रेलियाई टीम में 

ऑस्ट्रेलिया के लिए 6 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 3 गोल करनेवाले 25 साल के विंगर-स्ट्राइकर निशान वेलुपिल्लै भी बेहद प्रतिभावान माने जाते हैं. उन्होंने अपने डेब्यु मैच में 83वें मिनट में उतरने के 7 मिनट के बाद ही चीन के ख़िलाफ़ क्वालिफ़ाइंग मैच में गोल कर ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से जीत दिलाई थी.  शशि थरूर ने अपने ‘X' पोस्ट में लिखा है, “ऑस्ट्रेलिया की 26 सदस्यीय टीम में मेलबर्न विक्ट्री (क्लब) के 25 वर्षीय डायनामिक विंगर निशान वेलुपिल्लई शामिल किये गये हैं, जिनका ताल्लुक तमिलनाडु से है.”

हालांकि, विकीपीडिया की जानकारी के मुताबिक निशान के पिता शशिनाथ वेलुपिल्लै मलेशिया के रहनेवाले हैं जिनका श्रलंकाई-तमिल कनेक्शन है. उनकी मां गिलियन वेलुपिल्लै एंग्लो-इंडियन हैं. निशान ऑस्ट्रेलिया में ही फ़ुटबॉल खेलते हुए बड़े हुए हैं. 

‘जालंधर' के सरप्रीत सिंह न्यूज़ीलैंड टीम में 

न्यूज़ीलैंड के 27 साल के अटैकिंग मिडफ़ील्डर का परिवार पंजाब में जालंधर का बताया जाता है. सरप्रीत का जन्म न्यूज़ीलैंड में ही हुआ. 2018 से न्यूज़ीलैंड के लिए पिछले 8 सालों में 24 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 3 गोल किये हैं. वो जर्मनी के बायेर्न म्यूनिख़ Bayern Munich जैसे मशहूर क्लब के लिए भी फ़ुटबॉल खेल चुके हैं. 

तमिलनाडु के सैमुएल मुतुस्सामि 

फ़्रांस में जन्मे 29 साल के सैमुअल मुतुस्सामि एक डिफेंसिव मिडफ़ील्डर हैं. वो फ़िलहाल ‘ग्रीक सुपर लीग' की ‘आर्टिमोस' और अफ़्रीकी देश कॉन्गो के लिए फ़ुटबॉल खेलते हैं. कॉन्गो के लिए उन्होंने 57 अंतर्राष्ट्रीय फ़ुटबॉल मैच खेले हैं. सैमुएल की मां कॉन्गो और पिता तमिल मूल के रहे हैं. 

भारत का फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप कनेक्शन

भारत ने 1950 के ब्राज़ील वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफ़ाई तो किया था, मगर भारतीय टीम फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने ही नहीं गई और इसके बाद भारतीय टीम कभी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफ़ाई नहीं कर पाई. 

बहरहाल मौजूदा वर्ल्ड कप के चार खिलाड़ीयों से पहले भारतीय मूल के विकास धोरासू भी हिन्दुस्तान के फ़ुटबॉल फ़ैन्स को खुश होने का मौक़ा दे चुके हैं. धोरासू के पूर्वज आंध्र प्रदेश के विजयनगरम से मॉरीशस और फिर फ्रांस जाकर बसे थे. धोरासू 2006 में जर्मनी में हुए FIFA वर्ल्ड कप में वह फ्रांस टीम का हिस्सा रहे और उन्होंने 2006 की उपविजेता टीम का ख़िताब जीता था.

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