हमारे देश में सुबह की शुरुआत बिना कड़क अदरक-इलायची वाली चाय के हो ही नहीं सकती. नुक्कड़ की टपरी से लेकर घर के किचन तक, दूध और पत्ती का खौलता हुआ रंग ही ज्यादातर भारतीयों की दिनचर्या तय करता है. लेकिन क्या आपको पता है कि आजकल इंटरनेट पर लोग अपनी पुरानी चाय छोड़कर कुछ नया ही ढूंढ रहे हैं. हाल ही में गूगल के सर्च डेटा से एक बहुत ही हैरान करने वाला ट्रेंड सामने आया है.
गूगल सर्च पर जापानी हरी चाय यानी 'माचा' (Matcha) की खोज में करीब 1300 फीसदी का भारी उछाल देखा गया है. सिर्फ माचा ही नहीं, इसके साथ 'उबे' (Ube) और 'होजिचा' (Hojicha) जैसे नाम भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर ट्रेंड कर रहे हैं.
आइए बहुत ही आसान और रोजमर्रा की बोलचाल में समझते हैं कि ये अजीब से नाम वाली चीजें आखिर हैं क्या और अचानक भारतीयों को इनमें इतनी दिलचस्पी क्यों हो रही है.
माचा आखिर है क्या और यह आम चाय से अलग कैसे है
माचा असल में जापान की पारंपरिक ग्रीन टी का ही एक बेहद बारीक और खास पाउडर रूप है. आम ग्रीन टी में हम पत्तियों को गर्म पानी में उबालकर छान लेते हैं और पत्ती फेंक देते हैं.
माचा में पत्ती को फेंका नहीं जाता, बल्कि पूरी हरी पत्ती को पत्थर की चक्की में पीसकर पाउडर बनाया जाता है. जब आप इसे पीते हैं, तो आप पूरी की पूरी पत्ती का अर्क अपने पेट में उतार रहे होते हैं.
Also Read: युगांडा में रोटी को क्या कहते हैं? नाम सुनकर रह जाएंगे हैरान

Photo Credit: Pexels
इसका रंग एकदम गहरा हरा होता है और स्वाद में यह थोड़ी सी कड़वी लेकिन बहुत ताजी लगती है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की अंदरूनी गंदगी साफ करने में मददगार माने जाते हैं.
गूगल पर अचानक इतना उछाल क्यों आया
1300 प्रतिशत की बढ़ोतरी कोई छोटी बात नहीं होती. इसकी सबसे बड़ी वजह सोशल मीडिया और लोगों का अपनी सेहत को लेकर जरूरत से ज्यादा सजग होना है.
इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फिटनेस इंफ्लुएंसर्स माचा लाते (दूध वाली माचा) पीते हुए खूब वीडियो बना रहे हैं. कुछ शोध बताते हैं कि माचा में मौजूद कैफीन और एल-थीनिन (L-theanine) ध्यान और सतर्कता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, हालांकि इसका असर व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकता है. कई लोग वजन प्रबंधन और हेल्दी लाइफस्टाइल के हिस्से के रूप में माचा को आजमा रहे हैं, हालांकि अकेले माचा पीने से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती.
बड़े शहरों के महंगे कैफे में इसे एक स्टेटस सिंबल की तरह पेश किया जा रहा है.
Also Read: पीने के पानी का TDS कितना होना चाहिए? 50, 150 या 300? जान लें अपनी सेहत के लिए सही पैमाना

उबे और होजिचा का यह क्या नया चक्कर है
माचा के साथ-साथ दो और नाम ट्रेंड में चल रहे हैं जो आम इंसान के कान के लिए बिल्कुल नए हैं:
उबे (Ube): यह असल में बैंगनी रंग का एक मीठा कंद (शकरकंद जैसा) होता है, जो फिलीपींस से आता है. इसके चटख बैंगनी रंग की वजह से लोग इसकी आइसक्रीम, केक और मिठाइयां बनाकर फोटो सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं.
होजिचा (Hojicha): यह भी एक जापानी चाय है, लेकिन इसे हरी पत्तियों की तरह नहीं बल्कि धीमी आंच पर भूनकर (रोस्ट करके) तैयार किया जाता है. इसका रंग भूरा होता है और इसमें कैफीन बहुत कम होता है, जिससे इसे शाम को भी पिया जा सकता है.
Matcha Tea (माचा चाय) के संभावित फायदे
Matcha जापानी ग्रीन टी का पाउडर रूप है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, कैफीन और L-theanine नाम का अमीनो एसिड पाया जाता है, जिसकी वजह से इसे हेल्थ ड्रिंक के रूप में काफी पसंद किया जाता है.
1. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर : माचा में कैटेचिन (Catechins) नाम के शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं.
2. फोकस और एकाग्रता बढ़ाने में मदद : माचा में मौजूद कैफीन + L-theanine का कॉम्बिनेशन ध्यान, सतर्कता और फोकस बेहतर करने में मदद कर सकता है. कई लोग इसे कॉफी के विकल्प के रूप में लेते हैं क्योंकि इससे अपेक्षाकृत शांत ऊर्जा मिल सकती है.
3. तनाव कम करने में सहायक : कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि L-theanine रिलैक्सेशन और मानसिक शांति को बढ़ावा दे सकता है.
4. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक : ग्रीन टी और माचा में पाए जाने वाले यौगिक कोलेस्ट्रॉल और सूजन से जुड़े कुछ जोखिम कारकों को कम करने में सहायक हो सकते हैं, जिससे हृदय स्वास्थ्य को फायदा मिल सकता है.
5. वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है : माचा को वजन घटाने का जादुई उपाय नहीं माना जा सकता, लेकिन संतुलित आहार और व्यायाम के साथ यह हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन सकता है.
6. ब्लड शुगर नियंत्रण में संभावित मदद : कुछ शोध बताते हैं कि ग्रीन टी आधारित पेय इंसुलिन संवेदनशीलता और ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद कर सकते हैं, हालांकि इस विषय पर और शोध की जरूरत है.
ध्यान रखें: माचा में कैफीन होता है, इसलिए अधिक मात्रा में सेवन करने पर घबराहट, नींद की समस्या या बेचैनी हो सकती है. गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों या कैफीन-संवेदनशील लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही नियमित सेवन करना चाहिए.
Also Read: Nestle India पर fssai का एक्शन, इन बेबी फूड्स में न्यूट्रिशन का कर रहे थे गलत दावा
घर पर Matcha Tea बनाने का आसान तरीका
सामग्री
- 1 चम्मच Matcha Powder
- 60-80 ml गर्म पानी (उबलता हुआ नहीं, लगभग 80°C)
- स्वादानुसार शहद या गुड़ (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
- एक कप या बाउल में 1 चम्मच माचा पाउडर छान लें ताकि गांठें न रहें.
- इसमें 60-80 ml गर्म पानी डालें.
- बांस की व्हिस्क (Chasen) या छोटी व्हिस्क से W या Z आकार में 15-20 सेकंड तक फेंटें.
- ऊपर हल्का झाग बन जाए तो माचा तैयार है.
Matcha Latte बनाने के लिए
- तैयार माचा में 1 कप गर्म या ठंडा दूध (डेयरी या प्लांट-बेस्ड) मिलाएं.
- चाहें तो थोड़ा शहद डालें.
- ऊपर से बर्फ डालकर Iced Matcha Latte भी बना सकते हैं.
स्वाद बेहतर करने के टिप्स
- उबलते पानी का इस्तेमाल न करें, इससे माचा कड़वा हो सकता है.
- पहली बार पी रहे हैं तो Latte के रूप में ट्राई करें, स्वाद ज्यादा स्मूद लगेगा.
- अच्छी गुणवत्ता का Ceremonial Grade Matcha चुनें.
ट्रेंड अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन किसी भी चीज के पीछे सिर्फ इसलिए भागना क्योंकि वो सोशल मीडिया पर वायरल है, जेब पर भारी पड़ सकता है. अगर नया स्वाद चखने का शौक है तो एक बार ट्राय करने में कोई हर्ज नहीं, लेकिन सेहत के लिए घर का सादा खानपान और थोड़ी सी कसरत ही सबसे पक्का इलाज है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं