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दुनिया के बड़े-बड़े शेफ भी खिचड़ी को क्यों मानते हैं सुपरफूड, जानें दिलचस्प कहानी और क्विक रेसिपी

Khichdi Recipe: जब भी कुछ लाइट और हेल्दी खाने का जिक्र होता है, तो सबसे पहला नाम खिचड़ी का आता है. इस आर्टिकल में जानें आखिर क्यों खिचड़ी को कहा जाता है बीमारों का खाना.

दुनिया के बड़े-बड़े शेफ भी खिचड़ी को क्यों मानते हैं सुपरफूड, जानें दिलचस्प कहानी और क्विक रेसिपी
Khichdi Recipe: खिचड़ी को क्यों कहते हैं बीमारों का खाना? (AI Generated Image)

Khichdi Recipe At Home: भारतीय घरों में जब भी घर में कोई बीमार पड़ता है, तो सबसे पहले किचन से एक ही आवाज आती है आज इसके लिए खिचड़ी बना लो. बस यही वह पल होता है जब खिचड़ी का नाम सुनते ही बच्चों से लेकर बड़ों तक के चेहरे उतर जाते हैं. हमने मान लिया है कि खिचड़ी मतलब बेस्वाद खाना, मजबूरी का खाना या फिर 'बीमारों का खाना'. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया भर में हजारों डिशेज होने के बावजूद, डॉक्टर और हमारे बुजुर्ग बीमार होने पर खिचड़ी की ही सलाह क्यों देते हैं? इसके पीछे कोई मजबूरी नहीं, बल्कि सदियों पुरानी चिकित्सा पद्धति और कमाल का विज्ञान छिपा है. आइए जानते हैं. 

सदियों पुरानी चिकित्सा- (Ancient Medical Wisdom)

खिचड़ी कोई आज की डिश नहीं है. आयुर्वेद में इसे 'मिश्रक' कहा गया है, जो शरीर के तीनों दोषों (वात, पित्त और कफ) को शांत करने की ताकत रखती है. प्राचीन समय से ही इसे एक औषधि की तरह देखा जाता रहा है. चावल और मूंग की दाल का यह मेल शरीर को अंदर से साफ करने और उसे आराम देने के लिए बनाया गया था. जिसे हम 'बीमारों का खाना' समझकर नाक-भौं सिकोड़ते हैं, असल में वह शरीर को हील (Heal) करने वाली सबसे ताकतवर डाइट है. 

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कैसे बनाएं खिचड़ी- (How To Make Khichdi)

  • प्रीपरेशन- दाल और चावल को धोकर 15 मिनट के लिए भिगो दें. 
  • तड़का- कुकर में घी गरम करें. जीरा और हींग डालकर चटकाएं. 
  • भूनें- भीगी हुई दाल-चावल, हल्दी और नमक डालकर 1 मिनट भून लें.
  • पकाएं- जरूरत के अनुसार पानी डालकर कुकर बंद करें. मीडियम आंच पर 3-4 सीटी आने तक पकाएं.
  • परोसें- स्टीम निकलने के बाद खोलें. ऊपर से घी डालकर दही, पापड़ या अचार के साथ गरमागरम परोसें.

खिचड़ी को बोरिंग से इंटरेस्टिंग कैसे बनाएं?

इसमें बारीक कटी सब्जियां, मटर, और ऊपर से जीरे-हिंग का तड़का लगाएं. साथ में दही, अचार, पापड़ और घी हो, तो फिर कहने ही क्या!

खिचड़ी खाने के फायदे- (Khichdi Khane Ke Fayde)

बीमारी के वक्त हमारे शरीर की ज्यादातर एनर्जी इन्फेक्शन से लड़ने में लग रही होती है. ऐसे में अगर हम भारी खाना खाएंगे, तो शरीर को उसे पचाने में बहुत मेहनत करनी पड़ेगी. खिचड़ी इतनी हल्की होती है कि हमारा पाचन तंत्र (Digestive System) इसे बहुत आसानी से ब्रेकडाउन कर लेता है. यह पेट पर बोझ नहीं डालती और शरीर को तुरंत एनर्जी देती है. खिचड़ी सिर्फ दाल-चावल का मिश्रण नहीं है, बल्कि यह प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन बैलेंस है. चावल से हमें जरूरी ग्लूकोज मिलता है, तो दाल से मांसपेशियों की मरम्मत के लिए प्रोटीन. जब इसमें थोड़ी हल्दी और अदरक डाल दिया जाता है, तो यह एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भर जाती है. ऊपर से एक चम्मच शुद्ध देसी घी इसे एक 'सुपरफूड' बना देता है, जो हमारी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है.

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