Health Tips: रोटी खाएं या चावल, क्‍या है सेहत के लिए बेहतर? चलिए कंपेयर करते हैं

Carbs And Fats In Roti And Rice: लोग अक्सर जानना चाहते हैं कि सेहत के लिए रोटी और चावल में से कौन सा विकल्प बेहतर है. रोटी और चावल के पोषक तत्वों के बारे में भी पूछा जाता है. चलिए जानते हैं कौन सा बेहतर और स्वस्थ के लिए ज्यादा अच्छा है?

Health Tips: रोटी खाएं या चावल, क्‍या है सेहत के लिए बेहतर? चलिए कंपेयर करते हैं

रोटी या चावल - सेहत के लिए क्या है बेस्ट.

खास बातें

  • चावल दुनिया भर में अधिक खाया जाने वाला भोजन है.
  • रोटी को पूरे गेहूं के आटे या अन्य साबुत अनाज के आटे से बनाया जा सकता है.
  • चलिए देखते हैं रोटी खाएं या चावल: सेहत के लिये क्‍या है फायदेमंद

जब बात चावल और रोटी की होती है, तो एक बहस चल जाती है कि कौन सा बेहतर और स्वस्थ के लिए ज्यादा अच्छा है? दोनों में से किसी एक को खाने से आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, अगर इसका सही तरीके से सेवन किया जाए. चावल दुनिया भर में अधिक खाया जाने वाला भोजन है. वहीं, रोटी ब्रेड का ही एक प्रकार है जो भारतीय भोजन से जुड़ी होती है. रोटी को पूरे गेहूं के आटे या अन्य साबुत अनाज के आटे से बनाया जा सकता है. चावल भी कई तरह का होता है- भूरे, लाल और काले रंग से विभिन्न प्रसंस्करण विधियों में जो पार्बल्ड या पॉलिश / मिल्ड चावल देते हैं. इस लेख में, हम पूरे गेहूं की रोटियों और मिल्ड चावल के बारे में बात करेंगे, क्योंकि वे आम तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं.

Roti Or Rice: रोटी या चावल? क्‍या है सेहत के लिए बेहतर और क्यों

चावल और रोटी के पोषक तत्व

मात्रा - 30gmऊर्जा  Kcalऊर्जा  gmप्रोटीन gmफैट gmफाइबर gmफॉलेट µgफॉसफोरस mg
ब्राउन राइज105.922.42.70.3721.323.480
अधपका मील चावल105.423.12.340.1651.12.942
कच्चा मील का चावल109.623.42.380.1560.842.728.8
गेहूं का आटा98.719.253.170.4594.548.794.5

तो चलिए देखते हैं रोटी खाएं या चावल: सेहत के लिये क्‍या है फायदेमंद

रोटी में कितनी कैलोरी होती है | चावल में कितनी कैलोरी होती है

जब डायबिटीज के लिए वजन को कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही हो, तो कैलोरी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि रोटी में कितनी कैलोरी होती है और रोटी या चावल में कितनी कैलोरी होती है तो बता दें कि वजन के लिहाज से देखा जाए तो चावल और रोटी दोनों ही लगभग एक समान हैं. दोनों ही लगभग बराबर कैलोरी प्रदान करते हैं. जो देखने की जरूरत है वह यह कि आप दिन में कितनी कैलोरी ले रहे हैं. 

सेलिब्रिटी पोषण विशेषज्ञ पूजा मखीजा के अनुसार, "कार्ब्स आपको मोटा नहीं बनाते हैं, लेकिन गलत कार्ब्स के विकल्प कर सकते हैं. अगर आप सोच रहे हैं कि कार्बोहाइड्रेट्स क्या है? और गुड कार्ब्स व बेड कार्ब्स क्या हैं तो हम आपको बता दें कि कार्ब्स आपको दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने के काम आता है. कार्ब्स वसा को पचाने में मददगार होते हैं. अगर आप वसा कम करना चाहते हैं या पेट पर जमी चर्बी को कम करने के उपाय तलाश रहे हैं, तो आपको अपने आहार पर ध्यान देने की जरूर है. पेट पर जमे फैट को गायब करने के लिए आपको कार्ब्स की जरूरत होती है. पूरे अनाज यानी होल ग्रेन, ब्राउन राइस और दाल जैसे भोजन वजन कम करने और पेट पर जमी वसा को कम करने में मददगार होते हैं. इनमें कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होता है जो आपके दैनिक भोजन में कम से कम 60% तक होने चाहिए. अगर आप सही मात्रा में कार्ब्स नहीं खा रहे हैं, तो आप वजन कम नहीं कर पाएंगे. वजन कम करने के लिए भोजन में कार्ब्स शामिल करना बहुत जरूरी है. वजन कम करने के लिए आपको अपने आहार में कार्ब्स की मात्रा बढ़ाने की जरूरत हो सकती है साथ ही साथ आपको कैलोरी इनटेक भी कंट्रोल करने की जरूरत पड़ सकती है.

चावल में कार्ब्स की मात्रा | रोटी में कार्ब्स की मात्रा 

अक्सर सवाल पूछा जाता है कि कार्बोहाइड्रेट का पाचन में क्या रोल है. कार्बोहाइड्रेट किसे कहते हैं, कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ, कार्बोहाइड्रेट भोजन के उदाहरण और कार्बोहाइड्रेट सबसे ज्यादा किस चीज में पाया जाता है. तो चलिए आपको इन सभी सवालों के जवाब देते हैं. असल में कार्बोहाइड्रेट या कार्ब्स हमारे शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं और दिन भर इसकी जरूरत होती है. कार्ब्स दो तरह के माने जाते हैं. एक गुड कार्ब्स और दूसरे ख़राब कार्ब्स यानी बेड कार्ब्स. अच्छे कार्ब्स में साबूत अनाज, सेम, फल और सब्जियां आते हैं यह ऐसे कार्ब्स हैं जो पचने में समय लेते हैं, जिससे आप देर तक पेट के भरे होने का अहसास करते हैं. इस ब्लड शुगर और इंसुलिन को एकदम से स्पाइक करने से नहीं होने देते. खराब कार्ब्स या बेड कार्ब्स वह हैं जो बहुत ज्यादा पोलिश किए गए अनाज से तैयार चीजे हैं. ऐसे पदार्थों से सभी पोषक तत्वों को बाहर किया जा चुका होता है. खराब कार्ब्स जल्दी पच जाता है और शुगर के स्तर को अचानक से बढ़ा सकता है. 

रोटी और चावल में गुड और बेड कार्ब्स की बात की जाए, तो बता दें कि मिलिंग के दौरान पॉलिशिंग से फाइबर चावल से दूर हो जाता है. इससे कार्ब्स अधिक होता है, जो भोजन के बाद की शुगर और रक्त में अधिक इंसुलिन पैदा कर सकता है. यह मधुमेह यानी डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है. एक बार जब कार्ब्स को मेटाबोलाइज किया जाता है, तो इंसुलिन भूख को बढ़ावा देने वाली बेस लाइन पर लौटने में अधिक समय लेता है और अधिक खाने के लिए आग्रह करता है, जिससे वजन बढ़ सकता है. वहीं दूसरी ओर, चावल में मौजूद अमाइलोपेक्टिन पचाने में आसान होता है और यह इसे शिशुओं के लिए अच्छा विकल्प बनाता है. लेकिन उच्च संतृप्ति मूल्य के साथ यहां रोटियां यहां जीत जाती हैं.

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क्या है बेहतर रोटी या चावल, यहां जानें.

चावल में प्रोटीन की मात्रा | रोटी में प्रोटीन की मात्रा

आमतौर पर अनाज को प्रोटीन के स्रोत के तौर पर कम ही देखा जाता है. क्योंकि अनाज से मिलने वाले प्रोटीन की गुणवत्ता उतनी अच्छी नहीं होती. जब प्रोटीन की बात आती है, तो हम आपको बता दें कि चावल और रोटी की तुलना में रोटी अधिक मात्रा में प्रोटीन प्रदान करती है. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि चावल से मिलने वाले प्रोटीन की गुणवत्ता बेहतर होती है, क्योंकि इसमें अमीनो एसिड लाइसिन की मात्रा अधिक होती है. जब यह दाल के साथ खाया जाता है, तो भोजन की प्रोटीन की गुणवत्ता में सुधार होता है. इसके अलावा, चावल ग्लुटन फ्री (rice is gluten-free) होता है, जबकि गेहूं में ग्लूटन मौजूद होता है. ग्लूटन के कई नुकसान हो सकते हैं. ग्लुटेन का सेवन सीलिएक रोग के रोगियों द्वारा नहीं किया जा सकता है.

चावल में फैट की मात्रा | रोटी में फैट की मात्रा

ज्यादातर अनाज में फैट कम होता है. दोनों ही चीजों रोटी और चावल में फैट की मात्रा कम होती है.

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फाइबर के स्तर पर तो रोटी चावल से कहीं बेहतर है.

चावल में फाइबर की मात्रा | रोटी में फाइबर की मात्रा

यहां रोटी को बड़ी जीत मिलती है. जब आप बात करते हैं रोटी और चावल की तुलना की, वह भी फाइबर के स्तर पर तो रोटी चावल से कहीं बेहतर है. जब आप रोटी की तुलना ब्राउर राइज से भी करते हैं, तो यह भूरे रंग के चावल की तुलना में फाइबर में अधिक है, क्योंकि रोटी में अघुलनशील फाइबर होता है. फाइबर के फायदे तो हम सभी जानते है.  फाइबर क्या होता है, भोजन में फाइबर के फायदे के बारे में हम आपको बता देते हैं कि फाइबर एक ऐसा न पचने वाला पदार्थ है, जो पौधे से कार्बोहाइड्रेट के रूप में निकाला जाता है. यह दो प्रकार का होता है- एक घुलने वाला और एक न घुलने वाला. नाम से जाने जा रहे घुलने वाला फाइबर, पानी में मिल जाता है. अगर आप अपने आहार में इस फाइबर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह पेट में जाकर जैल (गाढ़ा तरल पदार्थ) बन जाता है, जो कि शरीर द्वारा अवशोषित अनावश्यक खाने के भाग को रोकने में मदद करता है. इसका मतलब घुलने वाला फाइबर शरीर में कोलेस्टेरॉल बनने से रोकता है. दूसरी ओर, न घुलने वाला फाइबर लेने से पेट आसानी से साफ हो जाता है. अगर आप अपनी डाइट में फाइबर नहीं लेते हैं, तो इससे आपको कब्ज की परेशानी हो सकती है. तो कुल मिलकार रोटी और चावल में से क्या खाना चाहिए, इस जंग में फाइबर की मात्रा को लेकर जीत रोटी की होती है.

चावल में फोलेट | रोटी में फोलेट

हमारे शरीर में डीएनए बनाने के लिए पानी में घुलनशील बी विटामिन महत्वपूर्ण है, नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए यह जरूरी है और तंत्रिका संबंधी जन्म दोषों को रोकने के लिए रोटी और चावल दोनों में मौजूद है, लेकिन फिर से मात्रा के मामले में पॉलिश किए गए चावल की तुलना में रोटी जीत जाती है.

चावल में फास्फोरस | रोटी में फास्फोरस

हमारे शरीर की हर कोशिका में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण खनिज, हड्डियों के स्वास्थ्य, गुर्दे की कार्यक्षमता, मांसपेशियों में संकुचन, सामान्य धड़कन और दूसरों के बीच तंत्रिका संकेतन को बनाए रखने के लिए फास्फोरस की जरूर होती है. फास्फोरस की मात्रा के मामले में भी रोटी चावल के मुकाबले कहीं अधिक फायदेमंद साबित होती है. पॉलिश किए हुए चावल की तुलना में रोटी एक बेहतर स्रोत है, और ब्राउन चावल भी फास्फोरस का एक अच्छा स्रोत है.

मूल रूप से, जब रोटी और मील्ड सफेद चावल के बीच तुलना की जाए तो पूरी गेहूं की रोटी यहां जीत रही है. जब मिल्ड व्हाइट राइस के साथ रोटी की तुलना की जाती है, तो ब्राउन और पार्बोल्ड राइस स्वास्थ्यप्रद विकल्प होते हैं. इसके अलावा, यह सुनिश्चित करें कि आप इसे कम वसा वाले प्रोटीन के साथ मिलाएं, अपनी प्लेट को सब्जियों के साथ भरें और सही समय पर खाएं.

नोट: इस बात का ध्यान रखें कि आहार में किसी भी तरह का बदलाव अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें.

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