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बंगाल की फेमस मिठाई है सोंदेश, जानें क्या है इस मिठाई का खुशखबरी से कनेक्शन, क्यों पड़ा नाम, जानें रेसिपी

आज हम बात करेंगे पश्चिम बंगाल की ऐसी ही एक मशहूर मिठाई है 'सोंदेश'. ये बेहद नरम, हल्की मीठी और मुंह में घुल जाने वाली मिठाई है जो अपने अनोखे स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अपने इतिहास और अनोखे नाम के लिए भी जानी जाती है. अगर आपने भी सोंदेश खाया है तो क्या आप जानते हैं कि इसके नाम का मतलब क्या है और कैसे इसका नाम सोंदेश पड़ा.

बंगाल की फेमस मिठाई है सोंदेश, जानें क्या है इस मिठाई का खुशखबरी से कनेक्शन, क्यों पड़ा नाम, जानें रेसिपी
बंगाल की फेमस मिठाई सोंदेश की कहानी. AI Image

Sandesh Mithai: भारतीय मिठाइयों की दुनिया बेहद रंगीन और स्वाद से भरी हुई है. यहां पर हर राज्य की एक खास मिठाई है जो वहां की परंपरा और कल्चर को दिखाती है. आज हम बात करेंगे पश्चिम बंगाल की ऐसी ही एक मशहूर मिठाई है 'सोंदेश'. ये बेहद नरम, हल्की मीठी और मुंह में घुल जाने वाली मिठाई है जो अपने अनोखे स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अपने इतिहास और अनोखे नाम के लिए भी जानी जाती है. अगर आपने भी सोंदेश खाया है तो क्या आप जानते हैं कि इसके नाम का मतलब क्या है और कैसे इसका नाम सोंदेश पड़ा. अगर नहीं तो आज हम आपको बताएंगे इस मिठाई के बारे में कुछ ऐसी बातें जो शायद ही आपको पता हो. बहुत ही कम लोगों को पता है कि 'सोंदेश' का सीधा कनेक्शन खुशखबरी से है. दरअसल, पुराने समय में जब किसी घर में कोई शुभ संदेश आता था, तो लोग मिठाई के तौर पर सोंदेश बांटते थे. इसी वजह से इसका सीधा कनेक्शन यानी खुशखबरी से जुड़ा माना जाता है. तो चलिए जानते हैं इस मिठाई की पूरी कहानी और इसकी आसान रेसिपी.

सोंदेश का मतलब क्या है?

'सोंदेश' शब्द बंगाली भाषा के 'संदेश' शब्द से निकला माना जाता है, इसका मतलब होता है खुशखबरी या शुभ समाचार. बता दें कि पुराने समय में जब किसी के घर में शादी तय होती थी, बच्चे का जन्म होता था या कोई भी अच्छी खबर आती थी, तो लोग सोंदेश बांटकर अपनी खुशी जाहिर करते थे. इसी के साथ धीरे-धीरे इतनी फेमस हो गई कि इसका नाम ही 'सोंदेश' पड़ गया. यानि ये मिठाई सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि खुशियों का प्रतीक भी बन गई है.

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बंगाल की शान है सोंदेश

बंगाल की पारंपरिक मिठाइयों में सोंदेश का नाम सबसे ऊपर आता है. ये ताजे पनीर ( छेना) से बनाई जाती है. इस मिठाई की खासियत ये है कि इसमें ना तो ज्यादा घी लगता है और न ही तेल, इसलिए ये दूसरी मिठाइयों की तुलना में हल्की मानी जाती है. 

वैरायटी

कोलकाता की मिठाई की दुकानों में आपको अलग-अलग तरह के स्वाद वाले सोंदेश खाने को मिल जाएंगे. केसर सोंदेश, चॉकलेट सोंदेश, तो कहीं आम फ्लेवर वाला सोंदेश भी खूब मिलते हैं. इसके कई अलग-अलग फ्लेवर मिलते हैं जो लोगों को खूब पसंद आता है.

क्यों खास है इसका स्वाद?

बता दें कि सोंदेश का सादगी भरा स्वाद ही उसको बाकी मिठाइयों से खास बनाता है. ये न तो ज्यादा मीठा होता है और इसके साथ ही इसमें दूध और इलायची की असली खुशबू साफ महसूस होती है.

वहीं कई जगहों पर इसमें पिस्ता, केसर और सूखे मेवों से सजाकर परोसा जाता है. त्योहारों और खास मौकों पर इसे खूबसूरत डिजाइन में भी तैयार किया जाता है.

घर पर सोंदेश बनाने की विधि

अगर आप घर पर बंगाल की यह मशहूर मिठाई बनाना चाहते हैं, तो इसकी आसान रेसिपी भी जान लीजिए.

सामग्री

  • 1 लीटर दूध
  • 2 चम्मच नींबू का रस
  • 4-5 चम्मच चीनी पाउडर
  • आधा चम्मच इलायची पाउडर
  • पिस्ता या केसर सजाने के लिए

बनाने का तरीका

सोंदेश बनाने के लिए सबसे पहले दूध को अच्छी तरह से उबाल लें. जब दूध उबलने लगे, तो उसमें नींबू का रस डालें ताकि दूध फट जाए. अब इसे कपड़े में छानकर पानी अलग कर लें और छेना तैयार कर लें.

इसके बाद छेने को अच्छी तरह मसलें ताकि वह मुलायम हो जाए. अब इसमें चीनी और इलायची मिलाकर धीमी आंच पर 4-5 मिनट तक चलाएं. जब मिश्रण हल्का गाढ़ा हो जाए, तो गैस बंद कर दें. अब इसे ठंडा करके छोटे-छोटे आकार दें और ऊपर से पिस्ता या केसर से सजाएं. स्वादिष्ट सोंदेश तैयार है. सोंदेश महज एक स्वीट डिश नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति का भी हिस्सा है. 

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