मुंबई:
'मैं कृष्णा हूं' में जूही चावला यानी कांता बेन एक अनाथ आश्रम चलाती हैं, जहां बेसहारा बच्चों का पालन-पोषण होता है। कृष्णा नाम का एक बच्चा भी उसी का एक सदस्य है, जो अपनी परिस्थितियों की वजह से दुखी है, लेकिन बाद में खुद कृष्ण भगवान उनके सामने प्रकट होने लगते हैं।
अब फिल्म में दो कृष्णा हो जाते हैं और दोनों मिलकर अपने आसपास की बुराइयों को खत्म करते हैं। कृष्णा की इस लड़ाई में कैटरीना कैफ के भी कुछ एक्शन सीन्स हैं। कृष्णा अब इतना मशहूर हो चुका है कि उससे मिलने ऋतिक रोशन भी उनके घर आते हैं। भगवान कृष्ण का किरदार एनिमेटेड है। वैसे तो यह फीचर फिल्म है, लेकिन लॉर्ड कृष्ण के अलावा फिल्म का कुछ हिस्सा एनिमेटेड है।
वैसे, अगर फिल्म में एनिमेटेड हिस्सा और ज्यादा होता तो शायद बच्चे और मजे ले पाते, क्योंकि ड्रामैटिक कहानी बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं है। फिल्म में समाजिक समस्या, बच्चों का शोषण और दूध में मिलावट जैसे मुद्दे तो हैं, लेकिन ये मुद्दे बच्चों के लिहाज से कुछ ज्यादा आगे के हैं।
बच्चों को खुश करने के लिए हर चीज डालने की कोशिश की गई है फिर वह चाहे एनिमेटेड करेक्टर हो, कॉमेडी हो, एक्शन हो, इमोशन हो या ऋतिक और कैटरीना जैसे स्टार्स की मेहमान भूमिका हो। हो सकता है बच्चों के माता-पिता को कहानी और स्क्रीन प्ले में ज्यादा मजा न आए, लेकिन बच्चों की खुशी के लिए मां-बाप को हर चीज सहनी पड़ती है, यानी बच्चे खुश तो मां-बाप खुश।
फिल्म में लॉर्ड कृष्णा कहते हैं कि साहस करने वालों के साथ भगवान होते हैं। बच्चों को खुश करने की कोशिश करते डायरेक्टर राजीव रूइया के इस साहस के लिए रेटिंग है, 2.5 स्टार।
अब फिल्म में दो कृष्णा हो जाते हैं और दोनों मिलकर अपने आसपास की बुराइयों को खत्म करते हैं। कृष्णा की इस लड़ाई में कैटरीना कैफ के भी कुछ एक्शन सीन्स हैं। कृष्णा अब इतना मशहूर हो चुका है कि उससे मिलने ऋतिक रोशन भी उनके घर आते हैं। भगवान कृष्ण का किरदार एनिमेटेड है। वैसे तो यह फीचर फिल्म है, लेकिन लॉर्ड कृष्ण के अलावा फिल्म का कुछ हिस्सा एनिमेटेड है।
वैसे, अगर फिल्म में एनिमेटेड हिस्सा और ज्यादा होता तो शायद बच्चे और मजे ले पाते, क्योंकि ड्रामैटिक कहानी बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं है। फिल्म में समाजिक समस्या, बच्चों का शोषण और दूध में मिलावट जैसे मुद्दे तो हैं, लेकिन ये मुद्दे बच्चों के लिहाज से कुछ ज्यादा आगे के हैं।
बच्चों को खुश करने के लिए हर चीज डालने की कोशिश की गई है फिर वह चाहे एनिमेटेड करेक्टर हो, कॉमेडी हो, एक्शन हो, इमोशन हो या ऋतिक और कैटरीना जैसे स्टार्स की मेहमान भूमिका हो। हो सकता है बच्चों के माता-पिता को कहानी और स्क्रीन प्ले में ज्यादा मजा न आए, लेकिन बच्चों की खुशी के लिए मां-बाप को हर चीज सहनी पड़ती है, यानी बच्चे खुश तो मां-बाप खुश।
फिल्म में लॉर्ड कृष्णा कहते हैं कि साहस करने वालों के साथ भगवान होते हैं। बच्चों को खुश करने की कोशिश करते डायरेक्टर राजीव रूइया के इस साहस के लिए रेटिंग है, 2.5 स्टार।
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