सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन का काम फिल्मों को सर्टिफिकेट देना है सेंसर करना नहीं है, कहना है सूचना और प्रसारण के राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का।
फिल्मों के प्रमाणिकरण पर बॉलीवुड और CBFC अध्यक्ष पहलाज निहलानी के बीच हो रहे मतभेद का हल ढूंढ़ने के लिए बुलाई गई बैठक में बॉलीवुड ने सरकार के सामने अपने विचार रखे और मांग की फिल्म सर्टिफिकेशन की कार्यविधि में संशोधन किया जाए।
ऐक्टर-प्रोड्यूसर आमिर ख़ान ने कहा कि CBFC सेंसर बोर्ड नहीं है सर्टिफिकेशन बोर्ड है। यह बात मंत्री जी ने भी कही।
CBFC का काम फिल्म को सर्टिफिकेट देना है, सेंसर करना नहीं, रेटिंग करना है और यही मत सरकार का भी है।
सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बॉलीवुड को सरकार से समर्थन का भरोसा दिलाया है और नए संशोधित सिनेमैटोग्राफ ऐक्ट का वादा किया है।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि सर्टिफिकेशन की कार्यविधि फिल्मों के फेवर में की जाएगी और इंडस्ट्री की मदद के लिए होगी।
सिंगल विंडो क्लियरेंस की हमने बात की है। कोई एक इंसान इस सिस्टम पर हावी होने नहीं दिया जा सकता है।
मीटिंग के बाद फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट आश्वस्त दिखे और कहा कि हम लोग बहुत डर गए थे।
हमारी मांग थी कि फिल्म सर्टिफिकेशन की कार्यविधि पारदर्शी और निष्पक्ष हो। मंत्री जी ने हमारा पक्ष सुना और हमारे मुद्दे समझे और हमें उम्मीद है कि सरकार सक्रीय कदम उठाएगी।
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