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This Article is From Jun 27, 2012

‎'786' नंबर से जुड़ी यादों में खोए अमिताभ

‎'786' नंबर से जुड़ी यादों में खोए अमिताभ
नई दिल्ली: हिन्दी फिल्म जगत के महानायक अमिताभ बच्चन के माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर की रंगीन दुनिया में अवतरित हुए 786 दिन हो गए हैं और इस दिन उन्होंने इस पवित्र माने जाने वाले नंबर से जुड़ी अपनी यादों को लोगों के साथ साझा किया।

अमिताभ ने ट्वीट करते हुए 786 दिन पूरे होने पर कहा, हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों के लिए बहुत पवित्र माने जाने वाले इस नंबर ने फिल्म 'दीवार' और 'कुली' में मेरी जान बचाई थी। बिग बी ने कहा, फिल्म 'दीवार' में 786 नंबर वाला बिल्ला मेरे कोट में होने की वजह से मेरी जान बच गई, लेकिन फिल्म के अंत में यह गिर जाता है और मेरे द्वारा निभाए गए किरदार को गोली लगती है, जिससे उसकी मौत हो जाती है।

उन्होंने कहा, इस पवित्र माने जाने नंबर (786) के साथ मेरी कई कहानियां जुड़ी हुई हैं। मुस्लिम भाई और बहनें जब भी कुछ कागज पर लिखते हैं, तो हमेशा सबसे ऊपर पवित्र शुरुआत के रूप में 786 लिखते हैं।

अमिताभ ने कहा, 786 का मतलब बिस्मिल्लाह-उर- रहमान-ए-रहीम होता है अर्थात अल्लाह के नाम, जो कि बहुत दयालु और रहमदिल है। यही इस नंबर का महत्व है। उन्होंने कहा, फिल्म 'दीवार' के प्रदर्शन के बाद कारों के नंबर प्लेट और गले में पहने जाने वाले हार, कान के झुमकों में 786 नंबर बहुत प्रमुखता से लिखा जाने लगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले 786 दिनों में अमिताभ बच्चन ट्विटर पर बहुत सक्रिय रहे हैं और अपने चाहने वालों के साथ सीधे संवाद किया है। उन्होंने अब तक 13,901 ट्वीट किए हैं और 400 लोगों को वह फॉलो करते हैं, जबकि उन्हें फॉलो करने वाले लोगों की संख्या 29 लाख से भी ज्यादा है।

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