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मुंबई की यह शांति कई लोगों को डरावनी लगती है... अमिताभ बच्चन का नया ब्लॉग, बाबूजी से प्रेरित मन के उतारे भाव

अमिताभ बच्चन ने नए ब्लॉग में रात के सन्नाटे का सुकुन बयां किया और कहा- "जिंदगी से जिंदगी ही है निजात".

मुंबई की यह शांति कई लोगों को डरावनी लगती है... अमिताभ बच्चन का नया ब्लॉग, बाबूजी से प्रेरित मन के उतारे भाव
अमिताभ बच्चन ने नया ब्लॉग किया शेयर

सुपरस्टार अमिताभ बच्चन अक्सर अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की लिखी कविताओं को अपने भाव के साथ शब्दों के जरिए ब्लॉग में उतारते रहते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपने बाबूजी से प्रेरित अपने मन के भाव ब्लॉग में उतारे हैं. अभिनेता अमिताभ बच्चन ने रात के सन्नाटे की सुंदरता को खूबसूरती से बयां किया है. उन्होंने अपने ब्लॉग में मुंबई की रात की खास शांति पर दिलचस्प बात लिखी है. उन्होंने ब्लॉग में लिखा कि मुंबई जैसे व्यस्त शहर में भी रात के समय एक अजीब-सी शांति छा जाती है. दिनभर की भागदौड़ के बाद रात में सड़कें खाली हो जाती हैं और चारों तरफ गहरा सन्नाटा सा छा जाता है. उन्होंने लिखा, "मुंबई की यह शांति कई लोगों को डरावनी लगती है लेकिन मेरे लिए इसमें एक अलग तरह की हैरानी और खूबसूरती छिपी हुई है."

अमिताभ बच्चन ने शेयर किया देर रात का किस्सा

उन्होंने देर रात का किस्सा साझा करते हुए लिखा, "अभी मैं यह सब लिख ही रहा था कि एक गाड़ी सड़क के गड्ढे से टकराई और वह सन्नाटा टूट गया. रात 1 बजे अक्सर किसी तेज बाइक के एग्जॉस्ट की आवाज सुनाई देती है. शायद कोई व्यक्ति देर रात काम से लौट रहा हो या नई शिफ्ट के लिए जा रहा हो. ये छोटी-छोटी आवाजें रात की खामोशी को और गहरा बनाती हैं."

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बिग बी ने आसमान के रंग की खूबसूरती को शब्दों में किया बयां

अमिताभ ने आगे आसमान के रंग की खूबसूरती को अपने शब्दों में बयां किया. उन्होंने लिखा, "इन दिनों मुंबई का आसमान पहले से ज्यादा नीला और साफ दिख रहा है. कई दिनों से ऐसा ही चल रहा है. निर्माण कार्यों के दौरान पानी का छिड़काव किया जाता है, जिससे धूल जमीन पर बैठ जाती है और हवा स्वच्छ हो जाती है. बरसात के दिनों में भी प्रदूषण कम हो जाता है क्योंकि बारिश धूल-मिट्टी को धोकर साफ कर देती है. साथ ही, मुंबई समुद्र के किनारे बसा होने से समुद्री हवाएं वातावरण को तरोताजा रखती हैं."

उन्होंने कहा कि प्रकृति सबसे बेहतरीन दवा है. आखिरकार दवाइयां और रसायन भी तो हमें प्रकृति से ही मिले हैं. जीवन में सब कुछ चलता रहता है. कभी लेना-देना, व्यवस्था, अव्यवस्था, कभी शोर और कभी सन्नाटा. उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए लिखा, "जिंदगी से जिंदगी ही है निजात"……. 

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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