
हिन्दी फिल्मों में सुपरहिट फिल्म 'रांझणा' से कदम रखने वाले साउथ के सुपरस्टार धनुष ने फिल्म 'शमिताभ' को साइन करने से पहले 33 कहानियों को नकारा। उसके बाद धनुष ने 34वीं कहानी 'शमिताभ' को मंज़ूरी दी और काम किया।
धनुष की पहली हिन्दी फिल्म 'रांझणा' 2013 में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर न सिर्फ सफलता पाई थी, बल्कि समीक्षकों की खूब सराहना मिली थी। धनुष के अभिनय को भी खूब तालियां मिली थी। इसलिए धनुष ने अगली फिल्म के लिए कोई जल्दबाज़ी नहीं दिखाई। बहुत सारे ऑफर मिले, मगर सबको नकार दिया और अब जब दूसरी फिल्म की तो एकदम चुनकर, क्योंकि उनकी दूसरी फिल्म के निर्देशक हैं आर बालकी, जो पहले से ही अलग हटकर फिल्में बनाते हैं। उनके साथ अमिताभ बच्चन जैसे महानायक हैं। ऐसे में इस फिल्म की सफलता भी तय मानी जा रही है, क्योंकि इसके प्रोमो से ही अलग किस्म की फिल्म बताई जा रही है।
धनुष कहते हैं कि मैं कोई जल्दबाज़ी करना नहीं चाहता। मैंने 33 कहानियां रिजेक्ट कि क्योंकि मुझे कुछ उत्साहित करने वाली कहानियां नहीं मिली। जब बालकी सर ने 'शमिताभ' की कहानी बताई तो लगा कि हां, यह मेरे लिए सही फिल्म और सही किरदार है। साथ ही बच्चन साहब जैसे महानायक के साथ काम करने का मौका मिल रहा है। खुशकिस्मत हूं कि यह फिल्म मुझे मिली।
ज़ाहिर है की धनुष को बड़ी पहचान मिल चुकी है साउथ इंडस्ट्री में एक कमर्शियल हीरो की और इसीलिए वह अब हिन्दी फिल्मों में कुछ अलग और कुछ एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं।