
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि आम बजट 2023-24 को पिछले बजट की बुनियाद और 'इंडिया एट 100' के मसौदे पर निर्माण की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि यह अमृत काल में पहला बजट है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार 2,200 करोड़ रुपये का आत्मनिर्भर स्वच्छ संयंत्र कार्यक्रम शुरू करेगी. बजट से जुड़ी प्रमुख बातें...!
अमृत काल में यह पहला बजट है। हम एक समृद्ध और समावेशी भारत की कल्पना करते हैं जिसमें वृद्धि का लाभ सभी तक पहुंचे. वित्त वर्ष 2022-23 में आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत, देश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तीव्र आर्थिक वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है. रेलवे में 2.40 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है.
बजट की सात प्राथमिकताएं हैं, जिसमें समावेशी वृद्धि, हरित विकास, युवा शक्ति, वित्तीय क्षेत्र, अंतिम छोर तक पहुंच, बुनियादी ढांचे का विकास और क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल शामिल है. राजकोषीय घाटा 2023-24 में 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान 2025-26 तक 4.5 प्रतिशत से नीचे लाया जाएगा.
महिला सम्मान बचत पत्र की शुरुआत की गई है, जिससे महिलाएं 2 साल तक दो लाख रुपये तक जमा करा पाएंगी. यह मार्च 2025 तक के लिए होगा. वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतक बचत सीमा 15 लाख से 30 लाख रुपये किया जाएगा.
सभी अंत्योदय और प्राथमिकता प्राप्त परिवारों को एक साल तक मुफ्त खाद्यान्न देने के लिए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग दो लाख करोड़ रुपये का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है. कोरोना महामारी के समय हमने 80 करोड़ गरीब लोगों को अनाज उपलब्ध कराकर सुनिश्चित किया कि कोई भूखा ना सोए.
विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्वस्था सही रास्ते पर, दुनिया हमारी सराहना कर रही है. दुनिया भारत की उपलब्धियों की सराहना कर रही है: भारतीय अर्थव्यवस्था अब 10वें नंबर से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी, देश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर दोगुनी हुई
सरकारी एजेसियां PAN को पहचान पत्र मानेंगी. KYC प्रक्रिया को आसान बनाने का लक्ष्य है.
अर्थव्यवस्था में संगठित क्षेत्र का दायरा बढ़ा है, काम करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है. हमने कई टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है. कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया गया. पीएम आवास योजना के लिए आवंटन 66% बढ़ाकर 79000 करोड़ रुपये किया गया. वित्त वर्ष 24 में पूंजी निवेश परिव्यय को 33% बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.
अच्छी पुस्तकें उपलब्ध कराने लिये राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय गठित किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को प्राप्त करना है.
कृषि ऋण लक्ष्य वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपये। इसमें पशु पालन, दुग्ध उद्योग और मछली पालन पर ध्यान दिया जाएगा. बजट में परंपरागत हस्तशिल्प कारीगरों के लिए ‘पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान' योजना शुरू करने की घोषणा, वित्तीय समर्थन के अलावा प्रौद्योगिकी मदद भी दी जाएगी.
सरकार 2, 200 करोड़ रुपये से आत्मनिर्भर स्वच्छ योजना कार्यक्रम शुरू करेगी. मोटे अनाजों को 'श्री अन्न' का नाम दिया जाएगा, भारत को वैश्विक केंद्र बनाने के लिए हैदराबाद स्थित उत्कृष्टता केंद्र काम करेगा.