देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
- संचालन परिषद, नीति आयोग की शीर्ष संस्था है और इसमें राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल तथा कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं.
- बैठक में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, एस जयशंकर के साथ ही उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और असम के मुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव इस बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं.
- तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इस बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए शनिवार को कहा कि राज्यों के साथ केंद्र सरकार के मौजूदा भेदभावपूर्ण रवैये के विरोध में वह इस बैठक में शामिल नहीं होंगे.
- राव ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम लिखे एक पत्र में कहा कि भारत एक सशक्त देश के रूप में तभी सामने आ सकता है जब राज्यों का भी विकास हो. उन्होंने कहा कि मजबूत और आर्थिक रूप से गतिशील राज्य ही भारत को एक सशक्त देश बना सकते हैं.
- उन्होंने आरोप लगाया कि नीति आयोग ने ‘मिशन काकतीय' को 5,000 करोड़ रुपये और ‘मिशन भगीरथ' को 19,205 रुपये की केंद्रीय सहायता देने की सिफारिशें की थीं, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने उनकी अनदेखी की और योजनाओं के लिए कोई धन जारी नहीं किया. हालांकि, राज्य सरकार ने दोनों परियोजनाओं को अपने दम पर पूरा किया है.
- वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह बैठक में फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समेत कई मुद्दे उठाएंगे. उन्होंने कहा कि तीन साल के अंतराल के बाद पंजाब से कोई प्रतिनिधि नीति आयोग की बैठक में शामिल होगा.
- एक दिन पहले शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया था कि यह बैठक स्थिर, टिकाऊ और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में केंद्र और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सहयोग और सहकार के एक नए युग की दिशा में तालमेल का रास्ता खोलेगी.
- आयोग ने कहा, " बैठक के एजेंडे में फसल विविधीकरण, तिलहन, दालों और कृषि-समुदायों में आत्मनिर्भरता हासिल करना शामिल है. साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति की स्कूली शिक्षा का कार्यान्वयन; राष्ट्रीय शिक्षा नीति 'उच्च शिक्षा' का कार्यान्वयन; और शहरी शासन का मुद्दा शामिल है."
- संचालन परिषद की बैठक की तैयारियों के क्रम में जून में मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन धर्मशाला में आयोजित किया गया था. इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री ने की थी और इसमें सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था.
- आमतौर पर पूर्ण परिषद की बैठक हर साल होती है लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 में बैठक नहीं बुलाई गई थी. पिछली बैठक में पश्चिम बंगाल, पंजाब, तेलंगाना और गुजरात के मु्ख्यमंत्री शामिल नहीं हुए थे.
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