
गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले दौर के मतदान में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में हुई गड़बड़ी के मामले में कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कदम उठाने का आग्रह किया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने इस संबंध में चुनाव आयोग से तुरंत कदम उठाने का अनुरोध किया है. चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि सूरत और कुछ अन्य केंद्रों में ईवीएम में तकनीकी खामियों की खबरें आई थीं. हालांकि मशीनों को बदलने के बाद चुनाव प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई.
गुजरात चुनाव के पहले दौर में 89 सीटों पर वोटिंग
निर्वाचन आयोग को मिली शिकायत में राजकोट पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में भी ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ होने की बात कही गई है.
पोरबंदर में कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने एक ईवीएम मशीन के वाईफाई से जुड़े होने की शिकायत दर्ज कराई है.
चुनाव आयोग को कुछ स्थानों पर आचार संहिता के उल्लंघन की भी शिकायतें हैं.
अहमद पटेल ने भरूच के अंकलेश्वर में वोट डालने के बाद कहा कि उन्होंने बदलाव लाने के लिए वोट डाला है. उन्होंने साथ ही गुजरात के लोगों से भी ऐसा करने का आग्रह किया.
पटेल ने सत्तारूढ़ भाजपा पर पिछले चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने के लिए निशाना साधा.
उन्होंने कहा, 'समाज के सभी वर्गों के लोग वोट डालने के लिए एकत्र हुए हैं, क्योंकि तीन सालों में भाजपा सरकार ने न तो केंद्र में कुछ किया है और न ही गुजरात में पिछले 22 सालों में कुछ किया है.'
पहले चरण के चुनाव में 182 सीटों में से सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात की 89 सीटों पर मतदान चल रहा है और इसमें 977 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
आज हो रहे मतदान में प्रतिष्ठित उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (राजकोट-पश्चिम), कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल (मांडवी) और परेश धनानी (अमरेली) के भाग्य का फैसला होगा.
गुजरात विधानसभा के दूसरे चरण के तहत 14 दिसंबर को मतदान होगा और मतगणना 18 दिसंबर को होगी.
गुजरात में कांग्रेस पिछले करीब 22 साल से सत्ता से दूर है और वह इस बार अपनी किस्मत पलटना चाहती है. उसने नोटबंदी और जीएसटी के अलावा भाजपा का 'खोखला विकास मॉडल' जैसे मुद्दे उठाए.