विज्ञापन

स्नान कितने प्रकार के होते हैं, जानें नहाने के बाद इंसान को कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए

Bathing rules and rituals: सनातन परंपरा में किसी किसी भी पूजा या पाठ से पूर्व स्नान करना बहुत जरूरी माना गया है. भविष्य पुराण के अनुसार तन और मन को पवित्र करने वाला स्नान कितने प्रकार होता है? स्नान करने का क्या नियम और लाभ है? जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख. 

स्नान कितने प्रकार के होते हैं, जानें नहाने के बाद इंसान को कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए
Bathing rules in Hinduism: स्नान से जुड़े जरूरी नियम
NDTV

Snan Kitne Prakar Ke Hote Hain: सनातन परंपरा में तमाम जलतीर्थ पर जाकर स्नान करने की बड़ा महत्व माना गया है. यही कारण है कि तीज-त्योहार और विशेष पर्व आदि के अवसर पर गंगा, गोदावरी और नर्मदा जैसी पवित्र नदियों के पावन जल में लोग आस्था डुबकी लगाने पहुंचते हैं. हालांकि स्नान एक ऐसा दैनिक कर्म है, जिसके बगैर कोई भी शुभ कार्य या पूजा-पाठ नहीं किया जाता है. धर्मशास्त्र में स्नान की महत्ता और इससे जुड़े नियमों को लेकर विस्तार से बताया गया है. आइए जानते हैं कि स्नान करते समय और उसके बाद आखिर किन बातों का ख्याल रखना चाहिए? साथ ही यह भी कि किस समय किया गया कौन सा स्थान क्या फल देता है. 

कितने प्रकार के होते हैं स्नान 

भविष्य पुराण के अनुसार स्नान चार प्रकार के होते हैं. 
1. वायव्य - यह स्नान गौ आदि की रज से किया जाता है. 
2. वारुण - यह स्नान समुद्र आदि में किया जाता है. 
3. ब्राहम्य - यह स्नान मंत्र के साथ किया जाता है. 
4. दिव्य - यह स्नान बादलों के द्वारा किये जाने वाली वर्षा के जल से किया जाता है. 
पौराणिक मान्यता के अनुसार इन सभी में वारुण स्नान को सर्वोत्तम माना गया है. 

किस समय कौन सा होता है स्नान 

Latest and Breaking News on NDTV
  1. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि आप प्रात:काल 4 से 5 बजे के बीच अपने आराध्य देवी या देवता का ध्यान करते हुए स्नान करते हैं तो वह स्नान ब्रह्म स्नान कहलाता है. यह स्नान अत्यंत ही शुभ और सुख-सौभाग्य को बढ़ाने वाला माना गया है.
  2. 5 से 6 बजे के बीच किया जाने वाला स्नान देव स्नान कहलाता है। यह स्नान भी ब्रह्म स्नान की तरह शुभ माना जाता है और इससे पवित्र नदियों और ईश्वर का ध्यान करते हुए करने पर व्यक्ति की यश एवं कीर्ति बढ़ती है.
  3. हिंदू मान्यता के अनुसार य​दि कोई व्यक्ति सुबह 6 से 8 बजे के बीच स्नान करता है तो वह सामान्य मानव स्नान कहलाता है, जिसे करने पर मनुष्य तन और मन से पवित्र होता है. 
  4. हिंदू मान्यता के अनुसार सूर्योदय के बाद तकरीबन दो घंटे बाद जो भी स्नान किया जाता है, वह राक्षसी स्नान में आता है. धर्मशास्त्र में इससे बचने और शुभ समय में स्नान करने की बात कही गई है. 

स्नान से जुड़े जरूरी नियम 

  • हिंदू मान्यता के अनुसार स्नान करते समय आपका मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. भूलकर भी दक्षिण दिशा की ओर मुख करके स्नान न करें क्योंकि यह पितरों की दिशा मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिशा की ओर मुख करके स्नान करने पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है. 
  • हिंदू मान्यता के अनुसार कभी भी पूर्ण रूप से निर्वस्त्र होकर न तो बाथरूम में और न ही नदी में स्नान करना चाहिए. 
  • हिंदू मान्यता के अनुसार स्ना हमेशा शुद्ध एवं पवित्र जल से करना चाहिए. कभी भी किसी के द्वारा कुएं या हैंडपंप आदि से निकाले गये पानी अथवा किसी के द्वारा प्रयोग करने के बाद बचे हुए पानी से नहीं नहाना चाहिए. 

Jyeshtha Purnima 2026:ज्येष्ठ पूर्णिमा का पूरा पुण्यफल पाना है तो करें मंत्र से लेकर दान तक का ये महाउपाय

  • तमाम तरह के तीज-त्योहार पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए. ऐसा करने पर तीर्थ स्नान का पुण्यफल प्राप्त होता है. 
  • स्नान करते समय पवित्र नदियों का स्मरण नीचे दिये गये मंत्र को पढ़ते हुए करना चाहिए -
  • गंगा च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती, नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन संनिधिम कुरु.
  • वर्तमान समय में अधिक मास चल रहा है, ऐसे में व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए प्रात:काल भोर में स्नान करते समय ॐ नमो नारायणाय मंत्र का मन में जप करना चाहिए. 

स्नान करने के बाद कभी न करें ये काम 

  1. स्नान करने के बाद गंदे पानी को बाल्टी या टब में नहीं छोड़ना चाहिए. 
  2. स्नान करने के बाद गंदे और गीले कपड़ों को बाथरूम में नहीं छोड़ना चाहिए. यदि आप नदी में स्नान कर रहे हैं तो आपको कभी भी स्नान करने के बाद अपने कपड़े गंगा आदि नदी में नहीं धुलने चाहिए. 
  3. स्नान करने के बाद कभी भी पहले पहने हुए गंदे कपड़े नहीं पहनने चाहिए. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com