Shankh Puja Ke Niyam: हिंदू धर्म में शंख का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है. सनातन परंपरा में शुभता और सौभाग्य का प्रतीक माने जाने वाले शंख के बारे में मान्यता है कि जिस घर में इसकी प्रतिदिन पूजा होती है और यह पूजा के दौरान बजाया जाता है, वहां पर हमेशा पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. हिंदू मान्यता के अनुसार शंख और माता लक्ष्मी का प्राकट्य समुद्र मंथन के दौरान हुआ था, इसीलिए इसे माता लक्ष्मी का भाई माना जाता है. धन की देवी का प्रिय और नारायण की पूजा में विशेष रूप से प्रयोग में लाए जाने वाले शंख की पूजा के नियम, महत्व और उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.
घर में कैसे और कहां रखें शंख?
- हिंदू मान्यता के अनुसार शंख को हमेशा घर में पूजा या फिर पवित्र स्थान पर रखना चाहिए.
- शंख को कभी भी जमीन में नहीं रखना चाहिए. उसे हमेशा किसी आसन या फिर स्टैंड पर रखें.
- पूजा स्थान या फिर घर में शंख को हमेशा ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए.
शंख से जुड़े जरूरी नियम

- पूजा के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले शंख में हमेशा जल भर कर रखें और पूजा के पूर्ण होने पर इसी शंख का जल घर के सभी कोने और व्यक्तियों पर छिड़कना चाहिए.
- शंख की शुभता को पाने के लिए उसे प्रतिदिन पूजा में सुबह-शाम बजाना चाहिए.
- शंख को प्रयोग में लाए जाने के बाद हमेशा शुद्ध जल से साफ करके रखना चाहिए.
- भगवान शिव की पूजा में शंख से जल कभी भूलकर नहीं चढ़ाना चाहिए.
- शंख को हमेशा पूजा के बाद ही बजाना चाहिए. घर में बगैर कारण के शंख को नहीं बजाना चाहिए.
शंख की पूजा एवं बजाने के लाभ

- हिंदू मान्यता के अनुसार जिस घर में शंख की पूजा होती है, वहां पर धन की देवी माता लक्ष्मी जी हमेशा कृपायमान रहती हैं.
- जिस घर में शंख होता है और उसे प्रतिदिन बजाया जाता है, वहां स्थित सभी प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं.
- शंख को प्रतिदिन बजाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और घर का वातारवण हमेशा पवित्र बना रहता है.
- शंख को बजाना सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. मान्यता है कि शंख को बजाने से फेफड़े मजबूत होते हैं और व्यक्ति की श्वसन क्षमता में सुधार होता है.
शंख से जुड़े उपाय

- धन की कामना रखने वाले व्यक्ति को घर में विशेष रूप से मोती शंख रखना चाहिए. सनातन परंपरा में इसे माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि जिस घर में यह शंख माता लक्ष्मी के साथ पूजा जाता है, वहां पर कभी भी धन की कमी नहीं होती है. यह शंख चंद्रमा के शुभ फल को प्रदान करता है.
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- दक्षिणावर्ती शंख में दूध और गंगाजल भरकर भगवान विष्णु, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान राम का अभिषेक करने पर शीघ्र ही उनकी कृपा प्राप्त होती है. पूजा के इस उपाय को करने पर लक्ष्मी संग नारायण की कृपा बरसती है.
- हिंदू मान्यता के अनुसार पूजा स्थान में दक्षिणावर्ती शंख में शुद्ध जल भर कर रखने पर माता लक्ष्मी स्थायी रूप से घर में वास करती हैं और उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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