Shani Ke Jyotish Upay: ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है. जिस शनि का नाम आते ही व्यक्ति डरने लगता है, उनके बारे में मान्यता है कि वे प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं. शायद यही कारण है कि उन्हें कलयुग का न्यायधीश तक कहा जाता है. शनि के बारे में कहावत है कि वह अगर चाह ले तो राजा को रंक बना दे या फिर रंक को राजा बना दे. आइए जानते हैं कि जब शनि कुंडली में कमजोर होकर कष्टों का कारण बनने लगे तो उसके दोष को दूर करने और उसके शुभफल पाने के लिए क्या उपाय करना चाहिए.
शनि देव को चढ़ाएं सरसों का तेल

शनि पूजा में सरसों के तेल चढ़ाने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया हैं. मान्यता है कि लंका में हनुमान जी ने शनिदेव के चोट पर सरसों का तेल लगाया, जिससे उन्हें कष्टों से राहत मिली थी. यही कारण है कि शनि देव की कृपा पाने और उससे जुड़े कष्टों से मुक्ति के लिए उनके साधक विशेष रूप से सरसों का तेल अर्पित करते हैं.
शनि के लिए कैसा दीया जलाएं?
हिंदू धर्म में तमाम तरह के दान में दीपदान का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार अलग-अलग देवताओं के लिए अलग-अलग प्रकार के दीये जलाए जाते हैं. जैसे शनिदेव के लिए सरसों के तेल का चौमुखा दीया जलाया जाता है. शनि के दीये थोड़ा सा काला तिल डाल कर जलाना चाहिए.
शनि को मनाने के लिए रखें शनिवार का व्रत
हिंदू मान्यता के अनुसार यदि किसी की कुंडली में शनि कष्टों का बड़ा कारण बन रहा हो तो उसे उससे बचने और शनि के शुभ फल पाने के लिए शनिवार का व्रत विशेष रूप से रखना चाहिए. शनिवार व्रत में साधक को तन और मन से पवित्र होकर शाम के समय शनिदेव की पूजा विधि-विधान से करना चाहिए.
शनिवार को कैसे कपड़े पहनने चाहिए?

हिंदू मान्यता के अनुसार प्रत्येक दिन और देवता के लिए अलग-अलग रंग शुभ माने गये हैं. जैसे शनिवार के दिन शनि देव की कृपा पाने के लिए काला, गहरा नीला या जामुनी रंग के कपड़े पहनना शुभ साबित होता है तो वहीं इस दिन व्यक्ति को लाल रंग के कपड़े पहनन से बचना चाहिए.
शनि पूजा में किसका करें पाठ?
हिंदू मान्यता के अनुसार किसी भी देवी या देवता के गुणों का गुणगान करने वाली चालीसा या स्तोत्र को पढ़ने से उनकी कृपा प्राप्त होती है. ऐसे में आज शनिवार के दिन शनि स्तोत्र या फिर शनि चालीसा का श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ करना चाहिए. शनि देवता को मनाने के लिए शनि मंत्र का जप करना भी अत्यंत ही उत्तम उपाय माना गया है.
शनि दोष से बचने के लिए क्या न करें

- हिंदू मान्यता के अनुसार कभी भी शनिदेव के ठीक सामने खड़े होकर या फिर बैठकर उनकी पूजा नहीं करना चाहिए और न ही तेल अर्पित करते समय उनकी आंखों में देखना चाहिए. शनि पूजा के दौरान साधक को हमेशा शनि देवता के चरणों में देखना चाहिए.
- शनि के कष्टों से बचने के लिए व्यक्ति को भूलकर भी किसी कमजोर या दिव्यांग व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए. इसी प्रकार अपने अधीनस्थ लोगों को भी कष्ट पहुंचाने से बचना चाहिए.
Panchak 2026: जुलाई महीने में एक नहीं बल्कि दो बार लगेगा पंचक, जानें सही तारीख और नियम
- शनि की पूजा में न तो लाल रंग के पुष्प चढ़ाएं और न ही शनिवार के दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करें.
- शनि दोष से बचने के लिए भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. शनिवार के दिन तो भूलकर भी न करें.
- अगर कुंडली में शनि दोष हो तो भूलकर भी शनिवार के दिन लोहा नहीं खरीदना चाहिए और न ही इस दिन बाल, नाखून आदि कटवाना चाहिए.
- जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष होता है, उन्हें भूलकर भी शनिवार के दिन पीपल या शमी के पेड़ को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं