Shani Jayanti Par Kya Karna Chahie: सनातन परंपरा में सूर्यपुत्र शनिदेव की पूजा के लिए शनिवार का दिन अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना गया है, लेकिन इसकी शुभता तब और भी ज्यादा बढ़ जाती है, जब यह ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर पड़ता है. हिंदू मान्यता के अनुसार इसी दिन दंडाधिकारी कहे जाने वाले शनिदेव की जयंती मनाई जाती है, जिसका इंतजार शनिदेव के भक्त पूरे साल करते हैं. ज्योतिष के अनुसार शनि जयंती का दिन न सिर्फ शनि का आशीर्वाद पाने के लिए बल्कि उनसे जुड़े दोषों जैसे ढैय्या, साढ़ेसाती आदि को दूर करने के लिए भी अत्यंत ही शुभ माना गया है. आइए जानते हैं कि शनि जयंती वाले दिन आखिर किन चीजों को करने से शनि देव प्रसन्न होकर कृपा बरसाते हैं और किन चीजों को करने पर क्रोधित होकर कष्ट देते हैं.
शनि जयंती पर क्या करना चाहिए?

- हिंदू मान्यता के अनुसान शनिदेव की पूजा सूर्योदय से पहले भोर में या फिर सूर्यास्त के बाद करना ज्यादा फलदायी होता है.
- शनि जयंती पर शनिदेव को विशेष रूप से काले वस्त्र, काला तिल और सरसों का तेल अर्पित करें.
- शनि जयंती वाले दिन शनि देवता को प्रसन्न करने के लिए आटे का चौमुखा दीया बनाकर जलाएं.
- हिंदू मान्यता के अनुसार शनि जयंती वाले दिन शनि की पूजा में उनकी चालीसा का पाठ और उनके मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
- शनि जयंती वाले शनि देवता को प्रसन्न करने के लिए पूजा के साथ व्रत का भी विधान है, जिसे सूर्योदय से सूर्यास्त तक रखा जाता है. ऐसे में शनि साधक को इस व्रत को पूरे विधि-विधान से रखना चाहिए.
- शनि जयंती वाले दिन शनिदेव की पूजा एवं उपवास के साथ उनसे जुड़ी चीजों को दान करने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में शनि जयंती पर शनि संबंधी चीजें जैसे लोहा, काला कंबल, काला जूता, काला तिल, चाय की पत्ती आदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना चाहिए.
शनि जयंती पर क्या नहीं करना चाहिए?

- शनि जयंती वाले दिन साधक को भूलकर भी बाल या नाखून आदि नहीं कटवाना चाहिए.
- हिंदू मान्यता के अनुसार शनि जयंती वाले दिन आदमी को बगैर तन और मन से पवित्र हुए शनिदेव की पूजा नहीं करनी चाहिए.
- शनिदेव की पूजा कभी भी उनके ठीक सामने खड़े होकर नहीं करना चाहिए. शनि की पूजा दाएं या बाएं तरफ खड़े होकर करें.
- हिंदू मान्यता के अनुसार शनि की पूजा में कभी तांबे के लोटे से जल नहीं चढ़ाना चाहिए बल्कि उन्हें लोहे यानि स्टील के पात्र से जल चढ़ाएं.
- शनि पूजा के दौरान साधक को नीले रंग के पुष्प और नीले रंग के वस्त्र का प्रयोग करना चाहिए लेकिन भूलकर भी लाल रंग के पुष्प या लाल वस्त्र नहीं अर्पित करना चाहिए.
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- शनि की पूजा में सरसों के तेल को अर्पित करना अत्यंत ही शुभ माना गया है लेकिन इसे कभी भी शनिवार के दिन खरीदकर शनिदेव को नहीं चढ़ाना चाहिए. शनि पूजा के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले तेल को एक दिन पूर्व शुक्रवार को ही खरीद लें.
- शनि जयंती वाले दिन किसी भी मजदूर या कमजोर वर्ग के व्यक्ति को सताने की भूल बिल्कुल न करें और न ही किसी से झूठ बोलें.
- शनि जयंती वाले दिन भूलकर भी तामसिक चीजें जैसे मांस, मदिरा आदि का सेवन न करें. शनि जयंती पर सरसों के तेल का प्रयोग भोजन आदि के लिए नहीं करना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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