Shani Dev Ki Pauranik Katha: ज्योतिष में जिस शनि देवता को न्यायधीश और दंडाधिकारी कहा गया है, उनक चाल सबसे धीमी है. शनिदेव 12 राशियों का पूरा एक चक्कर लगाने में 30 साल लेते हैं. यानि एक राशि पर तकरीबन ढाई साल रहते हैं. ज्योतिष के अनुसार शनिदेव व्यक्ति को उसके न सिर्फ वर्तमान में किए गये बल्कि पिछले जन्म के कर्मों का भी फल देते हैं. इसी कारण उन्हें दंडाधिकारी कहा जाता है, लेकिन सवाल उठता है कि उन्हें यह पद और कार्य किसने सौंपा? आखिर कैसे बने दंडाधिकारी? आइए शनि की पौराणिक कथा और उनके कोप से बचाने वाले सरल सनातनी उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
शनि के दंडाधिकारी बनने की पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान सूर्य के 9 संतान थीं, जिन्हें सूर्य देवता ने अलग-अलग लोक सौंप दिया था. मान्यता है कि सूर्य देवता के सभी पुत्र अपने पिता के द्वारा दिये लोक से संतुष्ट थे, लेकिन शनिदेव को अपने साथ अन्याय होने का आभास हुआ. जिसके बाद शनिदेव ने अपने ही भाइयों के लोक पर आक्रमण करके उसे पाने का निर्णय ले लिया. जिसके बाद सूर्य देवता और भगवान शिव ने उन्हें बहुत समझाया, लेकिन शनि नहीं माने. इसके बाद शनिदेव और शिव के गणों के बीच युद्ध हुआ, जिसमें जीत शनिदेव की हुई.
इससे क्रोधित होकर महादेव ने अपना तीसरा नेत्र और शनि ने अपनी वक्र दृष्टि का प्रयोग किया. जब इस पर भी बात नहीं बनी तो भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से शनि पर प्रहार किया. इसके बाद शनि अचेत हो गये. शनि के अचेत होते सूर्य देवता को अपने पुत्र शनि की चिंता हुई कि महादेव उनका अंत न कर दें. इस पर उन्होंने भगवान शिव से उन्हें जीवनदान देने को कहा. शनिदेव ने भी महादेव को प्रणाम कर उनकी शक्तियों का लोहा माना. इसके बाद भगवान शिव ने शनि को अपना सेवक बनाकर उन्हें दंडाधिकारी नियुक्त किया.
शनि के कोप से बचने का 10 सरल सनातनी उपाय

- शनि दोष से बचने के लिए सबसे पहला उपाय शिव साधना है. शनि के कोप से बचने के लिए प्रतिदिन भगवान शिव को तांबे के लोटे में काला तिल मिला जल भर कर अर्पित करें और शिव मंत्र का जप करें.
- शनि से संबंधित दोष को दूर करने के लिए आप किसी योग्य पुजारी के माध्यम से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करा सकते हैं.
- हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव के आंसुओं से बना रुद्राक्ष भी शनिदोष से मुक्ति दिलाता है. शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए सातमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए.
- शनि दोष से बचने के लिए भगवान शिव के रुद्रावतार हनुमान जी की पूजा भी अत्यंत ही शुभ और परेशानियों से मुक्ति दिलाने वाली मानी गई है. ऐसे में शनिवार के दिन हनुमत साधना अवश्य करें.
- ज्योतिष के अनुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन किसी चौड़े पात्र में सरसों का तेल भरने के बाद उसमें अपना चेहरा देखें, फिर उसे किसी जरूरमंद व्यक्ति को दान कर दें.
- शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन सरसों का तेल अर्पित करें और सरसों के तेल का चौमुखा दीया पीपल के नीचे जलाएं.

- शनिदेव को प्रसन्न करने और उनके कष्टों से बचने के लिए उनके स्तोत्र और शनि चालीसा का पाठ या फिर उनके मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जप कम से कम एक माला प्रत्येक शनिवार को जपें.
- हिंदू मान्यता के अनुसार शनि के दोष से बचने और शनि की कृपा पाने के लिए व्यक्ति को शनिवार के दिन शनिधाम जाकर विशेष रूप से शनि महाराज का दर्शन और पूजन करना चाहिए.
- शनि दोष से बचने के लिए व्यक्ति को शनिवार के दिन काले कुत्ते और काली गाय को रोटी खिलानी चाहिए. इसी प्रकार शनिवार के दिन कौऐ को भी रोटी खिलाने से शनि की अशुभता दूर होती है.
- शनिवार के दिन किसी दिव्यांग व्यक्ति को सम्मान के साथ काले जूते, काले कपड़े, काला कंबल, काला छाता और खिचड़ी दान करने पर शनिदेव प्रसन्न होते हैं. शनि दोष को दूर करने का यह मकारगर उपाय माना जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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