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Shani Dev Puja: शनि देव को तेल क्यों चढ़ाते हैं? जानिए पूजा विधि, महत्व और मंत्र

Shani Dev Puja: शनि देव के द्वारा दिए गए कठिन समय से इंसान धैर्य, ईमानदारी, जिम्मेदारी और सही जीवन जीने की सीख लेता है. शनिवार यानी शनिवार को शनि देव की पूजा सबसे शुभ मानी जाती है.

Shani Dev Puja: शनि देव को तेल क्यों चढ़ाते हैं? जानिए पूजा विधि, महत्व और मंत्र
शनि देव पूजा विधि, महत्व और मंत्र
file photo

Shani Dev Puja: अक्सर लोग भगवान शनि की पूजा डर के कारण करते हैं. उन्हें लगता है कि शनि देव जीवन में कष्ट देते हैं, जैसे शनि साढ़ेसाती या ढैय्या, लेकिन सच्चाई यह है कि भगवान शनि डराने वाले देवता नहीं हैं, बल्कि वे न्याय, कर्म और अनुशासन के देवता हैं. शनि देव हमें यह सिखाते हैं कि जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा. अगर जीवन में कष्ट आते हैं, तो वह सजा नहीं, बल्कि एक दूसरा मौका होता है. खुद को सुधारने का, सही रास्ता अपनाने का. शनि देव के द्वारा दिए गए कठिन समय से इंसान धैर्य, ईमानदारी, जिम्मेदारी और सही जीवन जीने की सीख लेता है. शनिवार यानी शनिवार को शनि देव की पूजा सबसे शुभ मानी जाती है. पूरे भारत में भक्त इस दिन शनि देव की विशेष पूजा करते हैं और उनसे रक्षा व आशीर्वाद की कामना करते हैं. चलिए आपको बताते हैं शनि देव की पूजा कैसे करें.

शनिवार का महत्व

शनिवार अनुशासन, विनम्रता और धैर्य का प्रतीक माना जाता है. यह दिन हमें रुककर अपने जीवन पर सोचने का अवसर देता है कि हम क्या करते हैं, क्या सोचते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी से क्या सीखते हैं? भगवान शनि किसी को भी बिना कारण दंड नहीं देते. वे हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. उनके द्वारा दी गई सीख कभी-कभी कठिन लग सकती है, लेकिन उसका उद्देश्य इंसान को सही रास्ते, आध्यात्मिक विकास और धर्म की ओर ले जाना होता है. इसी कारण से भक्त शनिवार के दिन उपवास रखते हैं और शनि मंदिर जाकर पूजा करते हैं, ताकि पुराने कर्मों का बोझ कम हो और जीवन में शांति बनी रहे.

शनि देव को तिल का तेल क्यों चढ़ाया जाता है?

प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, तिल का तेल नकारात्मक कर्मों की एनर्जी को सोखने और कम करने की शक्ति रखता है, जो शनि ग्रह से जुड़ी मानी जाती है. जब भक्त शनि देव की मूर्ति या शनि शिला पर तेल चढ़ाते हैं, तो यह प्रतीक माना जाता है कि इससे जीवन में मौजूद नकारात्मक कर्म, बाधाएं और परेशानियां दूर होती हैं. तेल की चिकनी और चमकदार सतह शनि देव की धीमी और कठोर ऊर्जा को शांत करती है, जिससे व्यक्ति को राहत, सुरक्षा और स्थिरता मिलती है.

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शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय

शनिवार पूजा- शनिवार को पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं.

दान- शनिवार के दिन काली उड़द की दाल, काले तिल, काले कपड़े, लोहे की वस्तुएं या जूते-चप्पल जरूरतमंदों को दान करें.

शनि देव मंत्र जाप

'ॐ शं शनेश्वराय नमः' या 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
 

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