Sawan Somwar 2023: साल 2023 के सावन मास के पहले सोमवार के दिन देश के कई हिस्सों में शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. भक्तों ने कानपुर के नागेश्वर शिव मंदिर और हरिद्वार के दक्ष प्रजापति मंदिर में भी पूजा-अर्चना की.
मध्य प्रदेश में उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में सावन माह के पहले सोमवार के दिन 'भस्म आरती' की गई.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भक्तों को चांदनी चौक के गौरी शंकर मंदिर में पूजा करते देखा गया. वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी.
इस अवसर पर गोरखपुर में भक्तों ने महादेव झारखंडी शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की.
इस साल सावन 2 महीने तक रहेगा. यह 4 जुलाई को शुरू हुआ और 31 अगस्त तक चलेगा. सावन इस बार 59 दिनों का होगा और इसमें चार के बजाय आठ सोमवार होंगे.
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हिंदू कैलेंडर में, 'सावन', जिसे 'श्रावण' भी कहा जाता है, हिंदू चंद्र कैलेंडर का पांचवां महीना होता है और वर्ष के सबसे पवित्र महीनों में से एक है. इस वर्ष श्रावण की अवधि सामान्य एक महीने के बजाय 2 महीने तक बढ़ गई है. इससे पहले, 2 महीने लंबा श्रावण लगभग 19 साल पहले मनाया गया था.

इसके अतिरिक्त, सावन के महीने में कांवड़ यात्रा एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है. इस अनुष्ठान के लिए लोग पवित्र नदियों से पानी इकट्ठा करते हैं और इसे छोटे मिट्टी के बर्तनों में रखते हैं जिन्हें कांवड़ कहा जाता है. भक्त पवित्र जल ले जाते समय केसरिया रंग के कपड़े पहनते हैं और भगवान शिव को समर्पित मंदिरों के दर्शन के लिए पैदल चलते हैं.
श्रद्धालु, जिन्हें कांवरिये कहा जाता है, गंगा नदी का पवित्र जल लाने के लिए उत्तराखंड में हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री और बिहार में सुल्तानगंज जैसे स्थानों पर जाते हैं और फिर उस जल से भगवान की पूजा करते हैं. इस साल सावन 4 जुलाई से शुरू हुआ और 31 अगस्त तक चलेगा.
Sawan 2023: आज सावन का पहला सोमवार, Varanasi में शिवभक्तों का लगा तांता(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं