Som Pradosh Vrat 2022: आज सावन मास का दूसरा सोमवार (Sawan Somvar) और पहला सोम प्रदोष व्रत (Som Pradosh Vrat) है. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन का सोमवार और प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2022) दोनों अहम माने गए हैं. धार्मिक मान्यतानुसार प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि में रखे जाने का विधान है. 25 जुलाई, सोमवार यानी आज सावन मास का सोम प्रदोष व्रत है. आइए जानते हैं सावन सोम प्रदोष व्रत के लिए शुभ मुहूर्त और पूजा के नियम.
सावन सोम प्रदोष व्रत 2022 शुभ मुहूर्त | Som Pradosh Vrat 2022 Shubh Muhurat
पंचांग के अनुसार, सावन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 25 जुलाई को शाम 4 बजकर 15 मिनट से शुरू हो रही है. जबकि त्रयोदशी तिथि का समापन 26 जुलाई को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर होगी. ऐस में प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 25 जुलाई को यानी आज शाम 7 बजकर 17 मिनट से रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा.
-
'कॉकटेल 2' को मिले रिव्यू पर कृति सेनन ने NDTV वर्ल्ड समिट में कहा- फिल्म देखना एक पर्सनल एक्सपीरियंस है -
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
सोम प्रदोष व्रत नियम | Som Pradosh Vrat Niyam
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोम प्रदोष व्रत (Som Pradosh Vrat) में अनाज का सेवन नहीं किया जाता है. इस व्रत में फलाहार करना उचित होता है, जो कि व्रत-नियम के अनुकूल माना जाता है. व्रती को इस दिन सुबह स्नान के बाद शुभ मुहूर्त में व्रत-पूजा के लिए संकल्प लेना चाहिए. सोम प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल यानी शाम के समय की जाती है. लेकिन सावन का सोमवार (Sawan Somvar) होने के कारण सुबह भगवान का जलाभिषेक करना उचित होगा.
सोम प्रदोष व्रत करने से मिलेगा कई गुना अधिक फल
सावन महीने के सोम प्रदोष को बेहद खास माना गया है. मान्यता है कि सावन महीना, सोमवार का दिन और प्रदोष व्रत तीनों ही भगवान शिव की पूजा के लिए उत्तम हैं. ऐसे में आज 25 जुलाई का सोम प्रदोष व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होगा. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और भोलेनाथ भक्तों को मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
मॉनसून स्किन केयर टिप्स बता रही हैं ब्यूटी एक्सपर्ट भारती तनेजा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं