सावन की पुत्रदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है. सावन का महीना होने की वजह से इस दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन व्रत और पूजा करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि इस दिन कुछ कामों से बचना शुभ माना जाता है.
कब है सावन पुत्रदा एकादशी
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, एकादशी तिथि 23 अगस्त 2026 को रात 2 बजे से शुरू होकर 24 अगस्त सुबह 4:18 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर 23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा.
तुलसी की पत्तियां न तोड़ें
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि इस दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचना चाहिए. भगवान विष्णु की पूजा में पहले से रखी तुलसी की पत्तियों का इस्तेमााल किया जा सकता है.
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चावल खाने से बचें
ज्योतिषाचार्य ने आगे कहा कि धार्मिक मान्यताओं में बतया गया है कि एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन सात्विक भोजन और फलाहार को प्राथमिकता दी जाती है.
काले कपड़े न पहनें
उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ के दौरान काले रंग के कपड़े पहनने से बचने की सलााह दी जाती है. पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है.
तामसिक भोजन से दूरी रखें
पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि एकादशी के दिन मांस-मदिरा और अन्य तामसिक चीजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है.
गुस्सा और विवाद न करें
उन्होंने कहा कि इस दिन किसी का अपमान करने, बहस करने या किसी का दिल दुखाने से बचें. शांत मन से भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है.
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