Ramadan 2026: इस्लाम धर्म में रमजान माह सबसे पवित्र महीना माना जाता है. बरकत व रहमत का महीना माह-ए-रमजान शुरू हो चुका है. आज बुधवार के दिन शाम के समय चांद नजर आने के साथ ही रमजान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है. ऐसी मान्यता है कि इस महीने में इबादत करने से अल्लाह सारे गुनाहों को माफ कर देता है. आज 18 फरवरी बुधवार को दिल्ली, यूपी, बिहार समेत पूरे देश में कई जगह रमजान-उल-मुबारक का चांद दिख गया है. गुरुवार से माह-रमजान की शुरुआत हो जाएगी. दिल्ली की जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद की हिलाल कमेटियों ने चांद दिखने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, जिसके बाद कल, 19 फरवरी 2026 को भारत में रमजान का पहला रोजा होगा. चलिए आपको बताते हैं रोजा खोलना का टाइम और सेहरी का समय क्या है?
दिल्ली में चांद दिखा, रोजे गुरुवार से शुरू
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुखर्रम अहमद ने बताया कि दिल्ली में रमजान का चांद दिखाई दे गया, इसलिए रोजे गुरुवार से शुरू होंगे. जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने भी चांद दिखने की पुष्टि की है. दारुल-क़ज़ा इमारत-ए-शरिया (जो बिहार, झारखंड और ओडिशा के धार्मिक मामलों को देखता है) ने भी कहा कि बिहार के कई हिस्सों में चांद दिखाई दिया.
भारत में रमजान एक दिन बाद क्यों शुरू होता है?भारत में आमतौर पर मध्य पूर्व और पश्चिमी देशों की तुलना में रमजान एक दिन बाद शुरू होता है, क्योंकि चांद दिखने का समय अलग-अलग होता है. सऊदी अरब, मध्य पूर्व, यूरोप में चांद मंगलवार को दिखा था और वहां रमजान का पहला दिन बुधवार को था. ओमान, कतर और UAE ने भी इसी तरह चांद दिखने की घोषणा की.
रोजा कैसे रखा जाता है?रोजा रखने वाले लोग सुबह तड़के सहरी करते हैं. सहरी के बाद फज्र की नमाज पढ़ी जाती है और फिर पूरे दिन खाने-पीने से परहेज किया जाता है. शाम को सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है.
सेहरी और इफ्तार का समयरमजान के दौरान सूरज के निकलने और ढलने के साथ समय बदलता रहता है. भारत में रमजान के पहले दिन रोजा रखने का समय करीब सुबह 5:37 बजे से शाम 6:15 बजे तक हो सकता है. जैसे-जैसे दिन बढ़ते हैं, रोजे की अवधि भी बढ़ती जाती है और यह करीब 13 घंटे 25-26 मिनट तक पहुंच सकती है. अलग-अलग शहरों में समय में थोड़ा फर्क हो सकता है.
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