Good qualities of Lord Rama: सनातन परंपरा में चैत्र मास के शुक्लपक्ष की नवमी तिथि को हर साल भगवान राम के जन्मदिन यानि रामनवमी महापर्व के रूप में मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार रामनवमी का यह पावन पर्व इस साल 27 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. हिंदू मान्यता के अनुसार रामनवमी पर विधि-विधान से जप, तप और व्रत करने से हर राम भक्त कष्ट दूर और कामनाएं पूरी होती हैं. यदि आप भी इस रामनवमी पर सूर्यवंशी प्रभु श्री राम के लिए व्रत या पूजन करने जा रहे हैं तो आपको उनके उन तमाम गुणों के बारे में जरूर जानना चाहिए, जो आज भी हमें जीवन को सरल बनाते हुए सही राह दिखाने का काम करते हैं.
भगवान राम से जुड़ी 9 बड़ी बातें | 9 important facts about Lord Rama

1. हिंदू धर्म में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम एक ऐसी दिव्य शक्ति हैं जिनकी कृपा हो जाए तो व्यक्ति का इहलोक और परलोक दोनों ही संवर जाता है. भगवान राम की भक्ति उस कल्पवृक्ष के समान है जिसके जरिए सभी कामनाएं पूरी होती हैं.
2. कलयुग में भगवान राम से बड़ा उनका नाम माना जाता है. मान्यता है कि जन्म से लेकर मृत्यु तक जुड़े रहने वाला राम नाम तारक मंत्र है, जिसे जपने मात्र से ही जीवन से जुड़े सभी कष्ट दूर और कामनाएं पूरी हो जाती है. यही कारण है कि कोई राम नाम का जप करके तो कोई उसे लिखकर अपनी आस्था प्रकट करता है.
3. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान राम गुणों की खान थे, जो बाल्यकाल में हमेशा सूर्य के उदय होने से पहले उठ जाते थे. सदाचारी और अत्यंत ही विनम्र स्वाभाव वाले भगवान राम अपने से बड़ों यानि माता-पिता, गुरु आदि को प्रणाम करने के बाद अपनी दिनचर्या प्रारंभ करते थे.

4. भगवान राम 16 गुणों - विद्वान, धर्मज्ञ, सदाचारी, कृतज्ञ, सत्यभाषी, दृढ़प्रतिज्ञ, प्रियदर्शन, सामर्थ्यवान, गुणवान, कांतिमान,वीर्यवान, जितेंद्रिय, वीर, सभी प्राणियों के रक्षक, किसी की भी आलोचना न करने वाले, क्रोध पर विजय पाने वाले और और 12 कलाओं से युक्त थे.
5. भगवान श्री राम अपने कुल की प्रतिष्ठा को हमेशा सर्वोपरि रखते हैं और पिता के वचन को निभाने के लिए मिले हुए राजपाट को छोड़ने में एक पल भी नहीं लगाते हैं. यही कारण है कि भगवान राम जैसा आज्ञाकारी पुत्र न सिर्फ हिंदू धर्म बल्कि अन्य धर्मों से जुड़े लोग भी अपने जीवन में पाना चाहते हैं.
6. भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम तमाम तरह की शक्तियों और गुणों से संपन्न होने के बावजूद एक सामान्य जीवन जीते हैं और तमाम तरह के कष्ट और चुनौतियों का सामना करते हुए लोगों को संकट के समय धैर्य और विवेक बनाए रखने का संदेश देते हैं.

7. सूर्यवंशी भगवान श्री राम को सनातन परंपरा का सूर्य कहा जाता है, जिन्होंने पूरे जीवन धर्म का पालन करते हुए सभी मर्यादाओं का पालन किया. भगवान श्री राम एक ओर जहां आदर्श भाई के रूप में लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के प्रति समान भाव प्रेम और व्यवहार रखते हैं, वहीं वे सुग्रीव, विभीषण और निषादराज को उचित सम्मान देते हुए सच्ची मित्रता निभाते हैं.
8. अयोध्या के राजा के रूप में भगवान राम का शासनकाल एक ऐसा आदर्श के रूप में स्थापित हुआ कि लोग उस राम राज्य को आज सबसे उत्तम शासन व्यवस्था के रूप में याद करते हैं. नैतिकता, पारदर्शिता और सेवा पर आधारित एक ऐसी शासन प्रणाली जिसमें सभी के अधिकार सुरक्षित थे, सभी सुखी थे और सभी के साथ न्याय होता था.
9. भगवान श्री राम के गुणों की गाथा का गान न सिर्फ भारत में बल्कि विदशों में भी रामलीला और नाटक आदि के जरिए किया जाता है. श्री राम को कोई ईश्वर का अवतार तो कोई मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में स्वीकार करता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं