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लगातार कोशिशें करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही? जानिए Premanand Maharaj ने क्या कहा

प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि जब व्यक्ति असफलता से परेशान होकर सवाल करता है कि उसे सफलता क्यों नहीं मिल रही, तो पहले यह देखना चाहिए कि वह प्रयास किस प्रकार के कर रहा है.

लगातार कोशिशें करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही? जानिए Premanand Maharaj ने क्या कहा
प्रेमानंद महाराज के विचार
Photo Credit: NDTV

Premanand Maharaj: जीवन में कई बार ऐसा होता है कि हम पूरी मेहनत करते हैं, दिन-रात कोशिशों में लगे रहते हैं, फिर भी सफलता नहीं मिलती. ऐसे में मन में निराशा और कई तरह के सवाल पैदा होने लगते हैं. साथ ही खुद को मोटिवेट करने के लिए भी बहुत कोशिशें करनी पड़ती है. इसी विषय पर एक प्रवचन के दौरान भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से सवाल किया. आइए जानते हैं इस पर उन्होंने क्या जवाब दिया.

केवल लौकिक प्रयास से नहीं मिलती सफलता

प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि जब व्यक्ति असफलता से परेशान होकर सवाल करता है कि उसे सफलता क्यों नहीं मिल रही, तो पहले यह देखना चाहिए कि वह प्रयास किस प्रकार के कर रहा है. अगर व्यक्ति सिर्फ नौकरी, व्यापार या पढ़ाई के लिए मेहनत कर रहा है, लेकिन अपने पूर्व कर्मों को सुधारने या पापों को नष्ट करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा, तो उसे बार-बार समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. महाराज कहते हैं कि क्या हम भजन कर रहे हैं, परोपकार कर रहे हैं, तीर्थ यात्रा कर रहे हैं या किसीी प्रकार का आध्यात्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं? अगर नहीं, तो केवल भौतिक प्रयासों के भरोसे सफलता की उम्मीद करना कठिन हो सकता है.

पूर्व कर्म भी बन सकते हैं बाधा

प्रेमानंद महाराज के अनुसार इंसान के पूर्व में किए गए पाप कर्म उसके वर्तमान जीवन को प्रभावित कर सकते हैं. यही कारण है कि कई बार योग्य और मेहनती व्यक्ति को भी सफलता नहीं मिलती. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई लोग पढ़ाई पूरी कर लेते हैं, उनके पास डिग्री और सर्टिफिकेट होते हैं, फिर भी नौकरी नहीं मिलती. वहीं, कुछ लोग व्यापार में पैसा लगाते हैं, लेकििन सफलता उनसे दूर रहती है. ऐसे में केवल वर्तमान प्रयासों को ही कारण नहीं माना जा सकता, बल्कि पूर्व कर्मों का प्रभाव भी हो सकता है.

पाप कर्मों को नष्ट करने के लिए क्या करें?

प्रेमानंद महाराज का कहना है कि यदि पूर्व कर्म बाधा बन रहे हैं, तो उन्हें समाप्त करने के लिए आध्यात्मिक प्रयास जरूरी हैं. इसके लिए प्रेमानंद जी नाम जप सबसे सरल उपाय बताते हैं. महाराज कहते हैं कि व्यक्ति नियमित रूप से 'राधा-राधा' नाम का जप करे. गिनती के साथ रोजाना नाम जप करने की आदत बनाएं और इसे लंबे समय तक जारी रखे. 

बिना प्रयास के सफलता क्यों मिल जाती है?

महाराज ने ये भी बताया कि कई बार कुछ लोगों को बिना विशेष योग्यता या ज्यादा मेहनत के भी सफलता मिल जाती है. उनके अनुसार इसका कारण उनका पूर्व जन्म या पूर्व कर्मों का पुण्य हो सकता है. वहीं, दूसरी ओर ऐसे लोग भी होते हैं जिनमेंं योग्यता और मेहनत दोनों होती हैं, लेकिन सफलता नहीं मिलती. महाराज जी बताते हैं कि ये पूर्व के पाप कर्मों का परिणाम हो सकता है.

पुण्य और पाप का असर

प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि जीवन में पुण्य और पाप दोनों का अपना प्रभाव होता है. जब पुण्य का संयोग प्रबल होता है, तो व्यक्ति को आसानी से सुख और सफलता मिलने लगती है. वहीं पाप कर्मों का प्रभाव बढ़ने पर व्यक्ति को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. 

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