पितृ पक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान की परंपरा है. 2026 में प्रतिपदा श्राद्ध 27 सितंबर को किया जा रहा है. पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर रात 10:18 बजे से 27 सितंबर रात 8:58 बजे तक रहेगी. श्राद्ध के लिए कुतुप और रौहिण मुहूर्त के बाद अपराह्न काल भी महत्वपूर्ण माना गया है.
पितृ तर्पण में किस दिशा की ओर मुंह करें?
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, पितरों को तर्पण देते समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए. धार्मिक मान्यता में दक्षिण दिशा का संबंध पितरों और यमराज से माना जाता है. वहीं देव तर्पण के लिए पूर्व और ऋषि तर्पण के लिए उत्तर दिशा की ओर मुख करने की परंपरा बताई जाती है. पितृ तर्पण के समय जनेऊ धारण करने वाले व्यक्ति को इसे दाहिने कंधे पर रखने की बात भी कही गई है. प्रतिपदा श्राद्ध उन पूर्वजों के लिए किया जाता है जिनकी मृत्यु प्रतिपदा तिथि को हुई हो. कुछ पंचांग परंपराओं में इस दिन मातृ पक्ष के नाना-नानी के श्राद्ध का भी उल्लेख मिलता है.
कब करें श्राद्ध और तर्पण
पंचांग के अनुसार 27 सितंबर को कुतुप मुहूर्त लगभग दोपहर 11:55 बजे से 12:43 बजे तक और रौहिण मुहूर्त 12:43 से 1:32 बजे तक रहेगा. इसके बाद अपराह्न काल 1:32 से 3:56 बजे तक रहेगा. स्थान के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतरर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखना उचित है.
ये भी पढ़ें- Aaj Ka Rashifal: आज कई राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें मेष से मीन तक आज का राशिफल
कैसे करें पितरों का तर्पण
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का स्मरण करते हुए जल अर्पित करें. इसके साथ श्राद्ध कर्म और पिंडदान की परंपरा निभाई जाती है. सात्विक भोजन तैयार कर श्रद्धापूर्वक अर्पित करने और धार्मिक पााठ करने की भी मान्यता है.
कौन कर सकता है तर्पण
आचार्य के अनुसार, परिवार का वरिष्ठ पुरुष सदस्य तर्पण कर सकता है. उसके न होने पर अन्य पुरुष सदस्य, पौत्र या नाती भी यह कर्म कर सकते हैं. वर्तमान परिस्थितियों में परिवार में पुरुष सदस्य उपलब्ध न होने पर महिलााएं भी विधि-विधान और पारिवारिक परंपरा के अनुसार श्राद्ध या तर्पण कर सकती हैं. पितृ पक्ष की तिथियां स्थानीय पंचांग के अनुसाार थोड़ी अलग हो सकती हैं. 2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को है, जिसे पितृ पक्ष के समापन की प्रमुख तिथि मानाा जाता है.
ये भी पढ़ें- 27 सितंबर का पंचांग: पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान, जानें अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं