- फुलेरा दूज के दिन ब्रज और वृंदावन में होता है खास उत्सव.
- फुलेरा दूज पर होता है अबूझ मुहूर्त का निर्माण.
- फुलेरा दूज से होता है होली का आरंभ.
फुलेरा दूज का पर्व पंचांग के अनुसार, 04 मार्च दिन शुक्रवार यानि आज है. फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज मनाया जाता है. मान्यता है कि भगवान आज के दिन फूलों से होली खेलते हैं, इसीलिए इसे फुलेरा दूज कहा जाता है. इस दिन को होली का आरंभ माना जाता है. वहीं, इस दिन को अबूझ मुहूर्त के रूप में भी देखा जाता है. फुलेरा दूज का पर्व भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है.
Holi 2022 Date: नए साल में कब है रंगों का त्योहार होली, नोट कर लें होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2022) के दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा जी की पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन होली पर खेले जाने वाला गुलाल सर्वप्रथम भगवान को अर्पित किया जाता है. आज के दिन राधा जी और भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमा को फूलों को सजाते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्री कृष्ण पवित्र होली के त्योहार में भाग लेते है और रंगों की जगह फूलों की होली खेलते हैं. आइए जानते हैं मांगलिक कार्य का अबूझ मुहूर्त.
Phulera Dooj 2022: फाल्गुन मास में इन शुभ योग में है फुलेरा दूज, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

फुलेरा दूज पर अबूझ मुहूर्त का निर्माण
हिंदू धर्म में किसी भी काम को करने से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह एक अबूझ मुहूर्त होता है. इस दिन शुभ काम को करने के लिए किसी पंडित से सलाह लेनी की जरूरत नहीं है. हिंदू धर्म में इस त्योहार को सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है. मान्यता है कि इस दिन कोई भी काम दोषों और हानिकारक प्रभावों से प्रभावित नहीं होता है.
फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त का निर्माण होता है. ऐसी मान्यता है कि फुलेरा दूज शुभ कार्यों के लिए उत्तम होता है. कहते हैं कि आज के दिन विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को करने के लिए मुहूर्त को देखने की आवश्यकता नहीं होती.

ब्रज और वृंदावन में होता है खास उत्सव
ब्रज और वृंदावन में फुलेरा दूज के दिन एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है. फुलेरा दूज के दिन मथुरा-वृंदावन और ब्रज में मंदिरों को बड़े ही सुंदर तरीके से रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जाता है, साथ ही साथ फूलों की होली भी खेली जाती है. इस दिन भगवान श्री कृष्ण के मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है. वहीं, इस दौरान मंदिरों में भगवान श्री कृष्ण के होली के भजन गाए जाते हैं. हर तरफ गुलाल और फूलों से वातावरण सराबोर हो जाता है.
इस समय दूर-दूर से भक्त यहां अपने प्रभु की एक झलक पाने और पर्व को मनाने आते हैं. फुलेरा दूज के दिन मंदिरों और घरों को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है. इसके साथ ही फुलेरा दूज पर भगवान श्री कृष्ण को विशेष प्रकार के पकवानों का भोग लगाया जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं