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Paush Purnima 2026: कल है साल की पहली पूर्णिमा, जानें किस पूजा से पूरी होगी आपकी मनोकामना?

Paush Purnima par kya kare: हिंदू धर्म के अनुसार किसी भी मास की पूर्णिमा पर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी और चंद्र देवता की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. सुख-सौभाग्य और धन की देवी मां लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद पाने के लिए साल की पहली पूर्णिमा पर कब और किसकी करें पूजा, जानने के लिए पढ़ें ये लेख. 

Paush Purnima 2026: कल है साल की पहली पूर्णिमा, जानें किस पूजा से पूरी होगी आपकी मनोकामना?
Paush Purnima 2025: पौष पूर्णिमा की पूजा का महत्व और महाउपाय
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Paush Purnima Ke Upay: सनातन परंपरा में पूर्णिमा तिथि का बहुत ज्यादा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है. पूर्णिमा के चंद्रमा अपनी पूर्ण आकार में रहता है और श्रद्धापूर्वक दर्शन और पूजन करने पर अपनी पूरी कृपा बरसता है. पूर्णिमा तिथि पर न सिर्फ चंद्र देवता बल्कि श्री हरि संग माता लक्ष्मी की साधना के लिए विशेष फलदायी मानी गई है. इस पावन तिथि का तब और भी ज्यादा महत्व बढ़ जाता है जब यह पौष मास में पड़ती है. हिंदू मान्यात के अनुसार पौष पूर्णिमा पर नियम पूर्व पूजा, जप-तप और व्रत करने से जीवन से जुड़े सभी दोष दूर होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. आइए पौष पूर्णिमा की पूजा से जुड़े उपाय और धार्मिक महत्व को विस्तार से जानते हैं. 

पौष पूर्णिमा के 5 उपाय  

  1. हिंदू मान्यता के अनुसार पौष पूर्णिमा के दिन यदि संभव हो तो गंगा या फिर किसी पवित्र जलतीर्थ पर अवश्य स्नान करना चाहिए. यदि ऐसा न कर पाएं तो घर में नहाने के पानी में गंगाजल डाल कर स्नान करें. 
  2. हिंदू मान्यता के अनुसार पूर्णिमा के दिन भगवान श्री विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने श्री हरि का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. ऐसे में इस दिन भगवान विष्णु का गुणगान करने वाली कथा का पाठ का करना या फिर सुनना चाहिए. साथ ही साथ श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए. 
  3. पूर्णिमा का पर्व नारायण के साथ मात लक्ष्मी की पूजा के लिए भी अत्यंत ही शुभ माना गया है. मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर जो व्यक्ति लक्ष्मी और नारायण दोनों की एक साथ पूजा करता है, उसके घर में हमेशा श्री का वास बना रहता है. माता लक्ष्मी की कृपा से उस व्यक्ति को कभी धन और अन्न की कमी नहीं होती है. 
  4. पूर्णिमा का पर्व भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ चंद्र देवता की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मान्यता कि सुख-सौभाग्य और मन की शांति और सुकून की चाह रखने वाले व्यक्ति को इस दिन चंद्र देवता को शाम के समय अर्घ्य देकर उनके मंत्र 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमसे नम:' का विशेष रूप से जप करना चाहिए. 
  5. हिंदू मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है. ऐसे में इस दिन पीपल देवता की विशेष पूजा करते हुए उसकी जड़ में जल अर्पित करना चाहिए और शाम के समय पीपल और तुलसी जी के पास शुद्ध देशी घी का दीया जलाना चाहिए. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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