गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश को समर्पित सबसे खास पर्वों में से एक है. भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं. मुंबई में गणेश चतुर्थी का उत्सव बेहद भव्य और उत्साह के साथ मनाया जाता है. लालबागचा राजा मुंबई का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय पंडाल है, जहां दर्शन के लिए लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है. भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी से मुंबई नगरी गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठती है. 10 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में बप्पा को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई तरह की चीजें अर्पित करते हैं. हर चढ़ावे का अपना एक धार्मिक महत्व होता है, जो सुख, समृद्धि और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है. मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में भक्त मन्नत पूरी होने के बाद सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और पारंपरिक पूजन सामग्री अर्पित करते हैं. चलिए आपको बताते हैं लालबागचा राजा की पूजा में कौन-कौन सी चीजें चढ़ाई जाती हैं.
लालबागचा राजा को किन चीजों का भोग लगता है?
सोमवार को लालबागचा राजा की स्थापना करने के बाद पूजन के दौरान उन्हें दूर्वा, फूल, सिंदूर, मोदक, फल, नारियल, अक्षत और मिठाई चढ़ाई गई. भगवान गणेश को मोदक विशेष प्रिय माना जाता है, जिसके भक्त मोदक का भोग लगाकर सुख-समृद्धि और मनोकामनाएं पूर्ति के लिए प्रार्थना की गई. इसके अलावा उन्हें नारियल, फूलों की माला और अन्य पूजन सामग्री भी अर्पित की गई. लालबागचा राजा के दरबार में श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार, सोने व चांदी की वस्तुएं भी चढ़ाते हैं और कई अपनी मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धा के अनुसार कीमती वस्तुएं अर्पित करते हैं. इनमें सोने की चेन, अंगूठी, हार, मुकुट, मोदक, गणेश प्रतिमा और चांदी की धार्मिक वस्तुएं शामिल होते हैं. हालांकि, हर साल चढ़ाई जाने वाली वस्तुओं की संख्या अलग-अलग प्रकार की होती है.
महाराष्ट्र के लालबाग (परेल) इलाके में स्थित लालबागचा राजा गणेश चतुर्थी के दौरान मुंबई का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय सार्वजनिक गणेश मंडल होता है, जिसे 'नवसाचा गणपति' यानी भक्तों की मन्नत पूरी करने वाला माना जाता है. भक्त बप्पा के दरबार में संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य, व्यापार में सफलता और परिवार की खुशहाली जैसी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं. मन्नत पूरी होने के बाद कई भक्त सोने का मुकुट, चेन, अंगूठी या चांदी की धार्मिक वस्तु अर्पित करते हैं. कुछ लोग मोदक, नारियल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाकर भी अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान को चढ़ावे का महत्व उसकी कीमत से अधिक भक्त की भावना में होता है.
लालबागचा राजा पंडाल की थीम
इस साल पंडाल को महाकालेश्वर मंदिर की भव्य थीम पर सजाया गया है. प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के लिए कतारों में लग रहे हैं. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और कई अन्य प्रसिद्ध हस्तियों ने पंडाल में पहुंचकर बप्पा का आशीर्वाद लिया है.
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