
मप्र में 5 संतों को राज्यमंत्री का दर्जा
नई दिल्ली:
मध्य प्रदेश के 5 संतों को राज्य मंत्री का दर्जा मिला है. इसमें नर्मदानंद, हरिहरानंद, कम्प्यूटर बाबा, भैय्यू महाराज और पंडित योगेंद्र महंत का नाम शामिल है. राज्य के गठन के बाद से यह पहला मौका होगा, जब संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जा रहा हो. यह संत सरकार के इस प्रस्ताव को मानते हैं या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा.
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आपको बता दें मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार अब धार्मिक और समाज के संतों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने में लग गई है. इसी क्रम में उसने नर्मदा नदी के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए एक विशेष समिति बनाई है. इसमें पांच संत सदस्य है और सभी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है.
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आधिकारिक तौर पर मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्य शासन ने प्रदेश के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों विशेष रूप से नर्मदा के किनारे पौधरोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष समिति गठित की है.
इस समिति में बतौर सदस्य नर्मदानंद, हरिहरानंद, कम्प्यूटर बाबा, भैय्यू महाराज और पंडित योगेंद्र महंत को शामिल किया गया है. इन सभी को राज्यमंत्री का दर्जा मिलेगा.
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संभवत: राज्य के गठन के बाद से यह पहला मौका होगा, जब संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जा रहा हो. यह संत सरकार के इस प्रस्ताव को मानते हैं या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा.
लेकिन इतना तो साफ लग रहा है कि संतों के सहारे नर्मदा नदी के संरक्षण का प्रचार-प्रसार किया जाने वाला है. इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा' निकाली थी. पौधरोपण किया था, उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी अपनी पत्नी अमृता राय सिंह के साथ पदयात्रा कर रहे हैं. (इनपुट-आईएएनएस)
देखें वीडियो - गंगा के लिए अनशन कर रहे संत की मौत
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आधिकारिक तौर पर मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्य शासन ने प्रदेश के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों विशेष रूप से नर्मदा के किनारे पौधरोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष समिति गठित की है.
इस समिति में बतौर सदस्य नर्मदानंद, हरिहरानंद, कम्प्यूटर बाबा, भैय्यू महाराज और पंडित योगेंद्र महंत को शामिल किया गया है. इन सभी को राज्यमंत्री का दर्जा मिलेगा.
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संभवत: राज्य के गठन के बाद से यह पहला मौका होगा, जब संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जा रहा हो. यह संत सरकार के इस प्रस्ताव को मानते हैं या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा.
लेकिन इतना तो साफ लग रहा है कि संतों के सहारे नर्मदा नदी के संरक्षण का प्रचार-प्रसार किया जाने वाला है. इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा' निकाली थी. पौधरोपण किया था, उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी अपनी पत्नी अमृता राय सिंह के साथ पदयात्रा कर रहे हैं. (इनपुट-आईएएनएस)
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