विज्ञापन

Holika Dahan 2026: होलिका दहन के बाद राख का क्या करना चाहिए? ज्योतिषाचार्य से जानें घर लाएं या नहीं

Holika Dahan 2026: होलिका दहन के बाद राख का क्या करना चाहिए? इसे घर लाना चाहिए या नहीं? आइए ज्योतिषाचार्य से जानते हैं इस सवाल का जवाब-

Holika Dahan 2026: होलिका दहन के बाद राख का क्या करना चाहिए? ज्योतिषाचार्य से जानें घर लाएं या नहीं
होलिका दहन के बाद राख का क्या करना चाहिए?

Holika Dahan 2026: हर साल फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन किया जाता है. यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इसके अगले दिन फिर रंगों की होली खेली जाती है. साल 2026 में पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च की शाम 5 बजकर 55 मिनट से हो रही है और यह 3 मार्च की शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगी. लेकिन 2 मार्च की शाम से ही भद्रा काल भी शुरू हो रहा है, जो 3 मार्च की सुबह 5 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है. ग्रहण के दौरान सूतक काल प्रभावी हो जाता है, जिसमें धार्मिक कार्य वर्जित माने जाते हैं. ऐसे में NDTV के साथ हुई खास बातचीत के दौरान ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित ने बताया, इन सभी स्थितियों को देखते हुए होलिका दहन 2 मार्च को ही किया जाएगा. शास्त्रों के अनुसार भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है. हालांकि, अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त के समय के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त थोड़ा अलग हो सकता है. 

यह भी पढ़ें- Holika Dahan 2026 LIVE: कितने बजे होगा होलिका दहन? जानें परिक्रमा करते हुए किन मंत्रों का जाप करना चाहिए, कितनी परिक्रमा करनी चाहिए और अग्नि में क्या-क्या डालें

अब, तिथि से अलग लोगों के मन में एक सवाल यह भी है कि होलिका दहन के बाद राख का क्या करना चाहिए? इसे घर लाना चाहिए या नहीं? आइए ज्योतिषाचार्य से जानते हैं इस सवाल का जवाब- 

होलिका दहन के बाद राख का क्या करना चाहिए?

ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित के अनुसार, होलिका दहन के बाद बची हुई पवित्र राख (भस्म) अत्यंत शुभ और सकारात्मक मानी जाती है. इसमें नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने की शक्ति होती है. जब होलिका की अग्नि पूरी तरह शांत हो जाए और राख ठंडी हो जाए, तब उसे घर ले आएं. घर लाकर इस राख का थोड़ा-सा भाग कमरे, रसोई और घर के हर कोने में छिड़क दें. ऐसा करने से घर की वास्तु संबंधी परेशानियां कम होती हैं और पितृ दोष से भी राहत मिलती है. यह घर में सुख-शांति और समृद्धि लाने का प्रतीकात्मक उपाय माना जाता है.

इसके अलावा होली की बची हुई राख को एक साफ लाल कपड़े में बांध लें और घर के मंदिर में उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में रख दें. ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना जाता है, इसलिए यहां राख रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. ज्योतिषाचार्य कहते हैं, जब भी किसी महत्वपूर्ण काम के लिए घर से बाहर जाएं, इस राख से हल्का सा तिलक लगाकर निकलें. ऐसा करने से कार्यों में सफलता मिलती है और बाधाएं दूर होती हैं.

अगर किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, तो वह थोड़ी-सी राख नाभि पर लगा सकता है. इससे सेहत दुरुस्त होगी. ज्योतिषाचार्य कहते हैं, इसे एक पारंपरिक टोटका माना जाता है, जो मानसिक विश्वास और सकारात्मक सोच को मजबूत करता है.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com