हरियाली तीज का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का विशेष दिन माना जाता है. सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि कई अविवाहित लड़कियां मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा से इसका पालन करती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा के साथ कुछ नियमों का पालन करना भी बेहद जरूरी माना गया है. आइए, ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय से जानिए हरियाली तीज पर क्या करें और क्या न करें.
कब है हरियाली तीज
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरियाली तीज मनाई जाती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 15 अगस्त (शनिवार) को पड़ेगा. इस दिन शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है.
हरियाली तीज पर क्या करें महिलाएं
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ या हरे रंग के वस्त्र धारण करें. भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें. बेलपत्र, फूल, फल, सिंदूर, मेहंदी और हरी चूड़ियां अर्पित करें. व्रत के दौरान मन को शांत रखें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को दान देना भी शुभ माना जाता है.
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महिलाएं हरियाली तीज पर क्या न करें
इस दिन किसी से विवाद, क्रोध या कटु वचन बोलने से बचें. पूजा में जल्दबाजी न करें और व्रत के नियमों का पूरी श्रद्धा से पालन करें. बिना वजह किसी का अपमान या दिल दुखाने से भी बचना चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से किया गया व्रत ही शुभ फल देता है.
क्यों खास है यह व्रत?
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, ऐसी मान्यता है कि माता पार्वती ने कठोर तप करके भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था. इसलिए हरियाली तीज का व्रत अटूट वैवाहिक प्रेम, सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है.
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