गुरुग्राम स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध श्री माता शीतला देवी मंदिर में आषाढ़ मेले का आयोजन 30 जून से 29 जुलाई तक किया जाएगा. मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं. मेला व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए आज श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के प्रशासक एवं डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में संबंधित विभागों की बैठक की गई. बैठक में श्री माता शीतला देवी मंदिर श्राइन बोर्ड तथा जिला परिषद के सीईओ सुमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मेला प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
बैठक में डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि श्री माता शीतला देवी मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिवर्ष देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में सभी तैयारियां पूरी करें और मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने दें.
डीसी ने पुलिस विभाग को मेला क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा प्रबंध, भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन एवं पार्किंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त चिकित्सकीय दल, एम्बुलेंस तथा प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित करने के लिए कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
मेले से जुड़ी जानकारियां और व्यवस्थाएं
मेला कब तक चलेगा- यह मेला 30 जून से शुरू होकर पूरे एक महीने तक चलेगा और 29 जुलाई को संपन्न होगा.
सुरक्षा और यातायात- गुरुग्राम पुलिस द्वारा भारी भीड़ के प्रबंधन और सुगम यातायात के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.
स्वास्थ्य सेवाएं- स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिसर में ही चिकित्सा दल, एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए हैं.
साफ-सफाई- नगर निगम की टीमों द्वारा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.
नगर निगम को पूरे मेला क्षेत्र में नियमित सफाई, पेयजल, सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. अग्निशमन विभाग को अग्नि सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम रखने तथा बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया. वहीं, परिवहन विभाग को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए.
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