Gupt Navratri 2026 Kanya Puja Vidhi: हिंदू धर्म में देवी दुर्गा की साधना-आराधना के लिए आषाढ़ मास की गुप्त नवरत्रि के 9 दिन बेहद शुभ और फलदायी माने गये हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार शक्ति की साधना तब तक नहीं पूरी मानी जाती है, जब तक आप इस व्रत के अंतिम दिनों में देवी दुर्गा का स्वरूप मानी जाने वाली कन्याओं का पूजन नहीं करते हैं. गुप्त नवरात्रि की अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्याओं का पूजन कैसे करना चाहिए? कन्या पूजन की सही विधि और इससे जुड़ा मंत्र और महाउपाय क्या है? आइए कन्या पूजन से जुड़े ये सभी जानकारी को विस्तार से जानते हैं.
कैसे करें कन्या पूजन?

गुप्त नवरात्रि पर आप अपनी आस्था के अनुसार अष्टमी या नवमी तिथि वाले दिन प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठें और प्रतिदिन की तरह तन और मन से पवित्र होने के बाद देवी पूजा करें. इसके बाद 2 से 10 साल की कन्या और एक बालक को को अपने घर में बड़े आदर के साथ बुलाएं. देवी समान 9 कन्याओं और भैरव समान बालक के पैर पखारें और उन्हें उचित आसन पर बिठाकर विधि-विधान से पूजन करें.
गुप्त नवरात्रि 2026 अष्टमी : 21 जुलाई 2026, मंगलवार
गुप्त नवरात्रि 2026 नवमी : 22 जुलाई 2026, बुधवार
सबसे पहले कन्याओं और बालक को रोली और अक्षत से तिलक लगाएं और उनके हाथ में मौली बांधें. इसके बाद यदि आपके पास चुनरी हो तो उन्हें चुनरी ओढ़ाएं और उन्हें भोग के रूप में पूरी, चना, सब्जी, हलवा, खीर,फल आदि खाने के लिए दें.
गुप्त नवरात्रि कन्या पूजन मंत्र
मंत्राक्षरमयीं लक्ष्मीं मातृणां रूपधारिणीम्.
नवदुर्गात्मिकां साक्षात् कन्यामावाहयाम्यहम्..
जगत्पूज्ये जगद्वन्द्ये सर्वशक्तिस्वरुपिणि.
पूजां गृहाण कौमारि जगन्मातर्नमोस्तु ते..
कन्या पूजन का महाउपाय

हिंदू मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि पर कन्या पूजा करने के बाद उन्हें विदा करने से पहले साधक को अपने सामर्थ्य के अनुसार प्रत्येक कन्या को वस्त्र, धन या उपहार देकर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए. यदि आप ऐसा न कर पाएं तो देवी कृपा को पाने के लिए एक पीले कपड़े में साबुत हल्दी, अक्षत और सिक्का रखकर कन्याओं को प्रदान करें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करें. 9 कन्याओं और भैरव समान बालक को अगली नवरात्रि पर दोबारा आने का निमंत्रण देते हुए ही विदा करें. मान्यता है कि कन्या पूजन के इस उपाय से पूरे साल सुख, सौभाग्य और धन-धान्य बना रहता है.
9 कन्याओं की पूजा का फल

हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि पर 9 कन्याओं पूजा करने पर साधक पर 9 दुर्गा और 10 महाविद्या का आशीर्वाद बरसता है. मान्यता है कि 2 से 10 साल की प्रत्येक कन्या की पूजा का विशेष लाभ मिलता है. जैसे 2 साल की कन्या वंश वृद्धि और 3 साल की कन्या दुखों को दूर करके धन-धान्य का आशीर्वाद बरसाती है. इसी प्रकार 4 साल की कन्या सभी प्रकार का कल्याण करने का और 5 साल की कन्या आरोग्य और मान-सम्मान में वृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है.
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6 साल की कन्या शत्रुओं पर विजय और 7 साल की कन्या सुख-ऐश्वर्य में वृद्धि का आशीर्वाद देती है. मान्यता है कि 8 साल की कन्या विद्या बल को बढ़ाते हुए सफलता और 9 वर्ष की कन्या सभी संकटों को दूर करते हुए कामनापूर्ति का आशीर्वाद बरसाती है. 10 साल की कन्या की पूजा से साधक को सुख-सौभाग्य के साथ मोक्ष का आशीर्वाद प्रदान कराती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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