Gupt Navratri Ki Puja Ke Niyam: सनातन परंपरा में शक्ति की साधना के लिए माघ मास में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि के 09 दिन बेहद शुभ और फलदायी माने गये हैं. चैत्र और शारदीय नवरात्रि में जहां नवदुर्गा की पूजा होती है, वहीं आषाढ़ और माघ गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या की साधना-आराधना करने का विधान है. शक्ति की साधना के लिए गुप्त नवरात्रि का महापर्व 19 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है और यह 27 जनवरी 2026 को समाप्त होगा. आइए जानते हैं कि माध मास की गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की साधना को सफल करने के लिए किन नियमों का पालन करना चहिए.
1. यदि आप माघ मास की गुप्त नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं तो देवी की पूजा, जप और आरती आदि हमेशा एक निश्चित समय पर पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करें.
2. गुप्त नवरात्रि में प्रत्येक दिन देवी विशेष की विधि-विधान से पूजा करें तथा उनके बीज मंत्र का श्रद्धा और विश्वास के साथ जप अवश्य करें.

3. माघ मास की गुप्त नवरात्रि में साधना-आराधना करने वाले साधक को भूलकर भी दाढ़ी, बाल, नाखून आदि नहीं कटवाना चाहिए.
4. गुप्त नवरात्रि की साधना करते समय पवित्रता का विशेष ख्याल रखें. साधना करने के लिए प्रतिदिन स्नान करें और स्वच्छ और उजले रंग के वस्त्र धारण करें. गुप्त नवरात्रि के दौरान भूलकर भी चमड़े से बनी वस्तुओं का प्रयोग न करें और न ही काले रंग के कपड़े पहनें.
5. माघ मास की गुप्त नवरात्रि पर 10 महाविद्या की साधना करने वाले साधक को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और किसी के प्रति भी गलत भावना नहीं रखनी चाहिए.

6. गुप्त नवरात्रि की साधना का भूलकर भी किसी के सामने प्रदर्शन न करें और इसे पूरी तरह से गुप्त रखें. हिंदू मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि में साधक जितनी गुप्त रूप से देवी पूजा करता है, उसे उतनी ही देवी कृपा प्राप्त होती है.
7. माघ मास की गुप्त नवरात्रि का व्रत रखने वाले साधक को यदि संभव हो तो प्रतिदिन एक कन्या का विधि-विधान से पूजन करना चाहिए. अगर ऐसा न संभव हो पाए तो अपनी मान्यता के अनुसार अष्टमी या नवमी तिथि को शुभ मुहूर्त में 9 कन्याओं को आदर के साथ घर पर बुलाकर पूजा करें तथा उन्हें भोग-प्रसाद खिलाने के बाद उपहार देकर आशीर्वाद प्राप्त करें.
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8. माघ मास की गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन यानि 27 जनवरी 2026 को देवी दुर्गा के किसी भी मंदिर में जाएं और उन्हें नारियल, चुनरी और श्रृंगार का सामान अर्पित करें.
9. गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन देवी की विधि-विधान से पूजा करने के बाद हवन और आरती अवश्य करें. ध्यान रहे कि इस साल गुप्त नवरात्रि का व्रत मंगलवार के दिन समाप्त हो रहा है, इसलिए पूजन सामग्री को उस दिन किसी जल स्रोत में न विसर्जित करें, बल्कि अगले दिन बुधवार को पूजन सामग्री किसी गढ्ढे में दबा दें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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