विज्ञापन

Gangajal Ke Niyam: गंगा का जल इतना पवित्र क्यों है? इसमें नहाने से लेकर घर तक लाने का जानें पूरा नियम

Gangajal Vastu Tips: जिस जल के बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है, उसमें गंगाजल को आखिर सबसे ज्यादा पवित्र और पुण्यदायी क्यों माना गया है? पतितपावनी गंगा में स्नान करने और उसके पवित्र जल को घर में लाकर रखने के लिए शास्त्रों में क्या नियम बताए गये हैं, जानने के लिए पढ़ें ये लेख.

Gangajal Ke Niyam: गंगा का जल इतना पवित्र क्यों है? इसमें नहाने से लेकर घर तक लाने का जानें पूरा नियम
Holy Ganga Water Rules: पवित्र गंगाजल के नियम
NDTV

Gangajal importance in Hindu religion: सनातन परंपरा में गंगा स्नान, गंगा दर्शन और गंगा पूजन का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. देवनदी कहलाने वाली गंगा की महत्ता और पवित्रता को इस तरह से भी समझा जा सकता है कि इसके दर्शन मात्र से ही व्यक्ति को तमाम तरह के दोषों से मुक्ति मिल जाती है. गंगा का जो जल भगवान विष्णु के कमल चरणों से निकलकर शिव की जटाओं से होते हुए पृथ्वी पर पहुंचता है, उसका क्या धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. गंगा में स्नान करने और उसका पवित्र जल अपने घर लाने का क्या नियम है? मां गंगा की कृपा को पाने के लिए घर के किस कोने में और कैसे रखना चाहिए गंगाजल? आइए इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानते हैं. 

विष्णु का चरणामृत है गंगा जल 

Latest and Breaking News on NDTV

हिंदू मान्यता के अनुसार ​जिस जल का स्पर्श पाते ही व्यक्ति का तन और मन पवित्र हो जाता है, वह भगवान श्री विष्णु के पैर के अंगूठे से निकला है. श्री हरि का चरणामृत कहलाने वाला यह पावन जल इतना पवित्र है कि इसमें स्नान और इसका पान करने मात्र से ही व्यक्ति के जीवन से जुड़े सारे दोष दूर हो जाते हैं. गंगाजल का सेवन करने वाले व्यक्ति को अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता है और वह सभी सुखों को भोगता हुआ अंत में श्री विष्णु के धाम यानि वैकुण्ठ जाता है. अमृत गुणों वाले इसी गंगाजल को पृथ्वी पर लाकर राजा भगीरथ ने अपने पुरखों का उद्धार करवाया था. इन सभी धार्मिक मान्यताओं के अलावा इस पवित्र जल में उन तमाम तरह के खनिजों और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भी प्रभाव रहता है, ​जिसे मां गंगा अपने साथ लिए हुए बहती हैं. 

गंगाजल कब भरना चाहिए?

Latest and Breaking News on NDTV

हिंदू मान्यता के अनुसार गंगाजल को आप किसी भी दिन भरकर अपने घर ला सकते हैं लेकिन यदि किसी भी मास की अमावस्या, पूर्णिमा, एकादशी, संक्रांति, गंगा सप्तमी, गंगा दशहरा आदि के मौके पर भर कर घर लाते हैं तो यह अत्यधिक शुभ साबित होता है. इसी प्रकार भगवान शिव को समर्पित सोमवार और महाशिवरात्रि तथा कुंभ आदि के समय गंगाजल भर कर घर लाना अत्यंत ही शुभ साबित होता है. गंगा जल को हमेशा 'ब्रह्म मुहूर्त' में भरकर घर लाने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि इस समय इस पावन जल में अत्यधिक आध्यात्मिक ऊर्जा होती है. 

कहां और किसमें रखना चाहिए गंगाजल?

Latest and Breaking News on NDTV

हिंदू मान्यता के अनुसार गंगाजल को हमेशा अपने घर के उत्तर दिशा में पवित्र स्थान में रखना चाहिए. गंगाजल को हमेशा पीतल, तांबा या कांसे आदि से बने बर्तन में रखना चाहिए. गंगाजल को प्लास्टिक के बर्तन में नहीं रखना चाहिए. यदि पात्र के अभाव के कारण आप इसे प्लास्टिक केन या बोलत में भरकर घर लाते हैं तो इसे लाने के बाद जल्द ही इसे धातु के बर्तन में पलट लें. 

गंगाजल को लेकर न करें ये गलतियां 

  • हिंदू मान्यता के अनुसार गंगाजल को लाने से पहले घर में स्नान करें. इसके बाद गंगातट पर जाकर दोबारा स्नान करें और उसके बाद मां गंगा का को प्रणाम करके उसका जल भरकर अपने घर ले आएं. कभी भूलकर भी अशुद्ध होकर या फिर बगैर नहाए गंगा स्नान न करें और न ही गंगाजल भरकर घर लाएं. 

Mahashivratri 2026 Rudraksha: महादेव का महाप्रसाद है रुद्राक्ष, इसे धारण करने से पहले जरूर जान लें ये जरूरी नियम 

  • गंगाजल को कभी भी अपवित्र अवसस्था में स्पर्श न करें. 
  • घर में गंगाजल को कभी भी अंधेरे या फिर अपवित्र स्थान पर न रखें. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com