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Kharmas 2026 : 15 मार्च से एक महीने तक बंद रहेंगे विवाह और मांगलिक कार्य! 20 अप्रैल से फिर शुरू होगी शादी

Kharamas start date 15 March 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल खरमास शुरू हो चुका है. इसके साथ ही विवाह और दूसरे शुभ कार्य कुछ समय के लिए बंद हो गए हैं. खरमास समाप्त होने के बाद 20 अप्रैल से फिर से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे.

Kharmas 2026 : 15 मार्च से एक महीने तक बंद रहेंगे विवाह और मांगलिक कार्य! 20 अप्रैल से फिर शुरू होगी शादी
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इसके बाद 7 जुलाई तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त रहेंगे.

Kharamas start date 15 March 2026 : ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, 14 मार्च की रात से खरमास की शुरुआत होने जा रही है. जब सूर्य अपनी राशि बदलकर मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास शुरू होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार इस समय को शुभ कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता, इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और दूसरे मांगलिक कार्य कुछ समय के लिए रोक दिए जाते हैं.

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कब शुरू होगा खरमास

ज्योतिष के अनुसार, सूर्य शनिवार (14 मार्च, 2026) की मध्यरात्रि को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. इसके साथ ही लगभग एक महीने तक चलने वाला खरमास शुरू हो जाएगा. ज्योतिष के मुताबिक, जब सूर्य देव देव गुरु बृहस्पति की राशियों (धनु और मीन) में प्रवेश करते हैं, तब उस अवधि को खरमास कहा जाता है. माना जाता है कि इस दौरान शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं करने चाहिए. 

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फिर कब शुरू होंगे विवाह मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल खरमास 14 मार्च की रात 1 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा. इसके साथ ही विवाह और दूसरे शुभ कार्य कुछ समय के लिए बंद हो जाएंगे. यह अवधि लगभग एक महीने तक रहेगी. खरमास समाप्त होने के बाद 20 अप्रैल से फिर से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इसके बाद 7 जुलाई तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त रहेंगे.

इसलिए नहीं किए जाते शुभ कार्य  

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास के दौरान सूर्य की गति धीमी मानी जाती है. जब सूर्य देव बृहस्पति की राशियों में होते हैं, तब उनकी ऊर्जा स्थिर मानी जाती है. माना जाता है कि शुभ कार्यों के लिए सूर्य का मजबूत और अनुकूल स्थिति में होना जरूरी होता है. इसलिए इस समय विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ और नामकरण जैसे संस्कार करने से बचने की सलाह दी जाती है.

ग्रहों की स्थिति को माना जाता है कारण

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस अवधि में ग्रहों की शुभ दृष्टि उतनी प्रभावी नहीं रहती. माना जाता है कि ग्रहों की ऊर्जा कम होने से नए कामों के परिणाम अनुकूल नहीं मिलते. इसी वजह से परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास के दौरान सभी तरह के मांगलिक कार्यों को कुछ समय के लिए टाल दिया जाता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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