Ganesh Chaturthi 2020: आज है गणेश चतुर्थी, जानें कैसे करें गणपति की स्थापना

Happy Ganesh Chaturthi 2020: देशभर में लोग गणपति बप्पा (Ganesh Chaturthi 2020) को घर लाने की तैयारी कर रहे हैं. हर कोई अपनी पसंद और आकार के गणपकि को अपने घर लाते हैं और उनकी स्थापना करते हैं.

Ganesh Chaturthi 2020: आज है गणेश चतुर्थी, जानें कैसे करें गणपति की स्थापना

Happy Ganesh Chaturthi 2020 images: आज मनाई जा रही है गणेश चतुर्थी.

नई दिल्ली:

Ganesh Chaturthi 2020 Date: गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. लोग एक या दो सप्ताह पहले से ही गणपति को घर लाने की तैयारी शुरु कर देते हैं. हर कोई अपनी पसंद और आकार के गणपकि को अपने घर लाते हैं और उनकी स्थापना करते हैं. बता दें, इसे विनायक चतुर्थी (Vinayaka Chaturthi 2020) भी कहा जाता है. यह त्योहार 10 दिनों तक मनाया जाता है. इन 10 दिनों तक लोग भगवान गणेश की पूजा करते हैं और फिर उनको धूमधाम से विसर्जित कर दिया जाता है. इस साल गणेश चतुर्थी का त्योहार 22 अगस्त यानी कि आज मनाया जा रहा है.

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गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त
गणेश चतुर्थी शनिवार, अगस्त 22, 2020 को है.

पूजा का समय- मध्य रात्रि 11 बजकर 06 मिनट से लेकर दोपहर को 01 बजकर 42 मिनट तक
गणेश विसर्जन, मंगलवार 1 सितंबर 2020 को
चतुर्थी तिथि प्रारंभ- अगस्त 21 2020 को रात 11 बजकर 2 मिनट से
चतुर्थी तिथि समाप्त- अगस्त 22, 2020 को शाम 07 बजकर 57 मिनट पर

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कैसे करें भगवान गणेश की स्थापना?
भगवान गणेश की स्थापना गणेश चतुर्थी के दिन मध्याह्न में की जाती है. माना जाता है कि गणपति बप्पा का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था. हालांकि, इस दिन चंद्रमा देखना भी वर्जित है. गणेश जी की स्थापना की विधि इस प्रकार है:
- आप चाहें तो बाजार से लाकर या फिर अपने हाथों से बनाई हुई गणपति बप्पा की मूर्ती स्थापित कर सकते हैं.
- गणेश जी की स्थापना करने से पहले स्नान कर लें और साफ धुले हुए वस्त्र धारण कर लें. 
- इसके बाद अपने माथे पर तिलक लगाएं और पूर्व दिशा की ओर मुंह कर आसन पर बैठ जाएं.
- ध्यान रहे कि आसन कटा-फटा न हो. साथ ही पत्थर के आसन का प्रयोग न करें.क्यों हर शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणपति से की जाती है? यहां जानें वजह
- इसके बाद भगवान गणपति की प्रतिमा को कसी लकड़ी के पटरे या गेहूं, मूंग, ज्वार के ऊपर लाल वस्त्र बिछाकर स्थापित करें.
- गणपित जी की प्रतिमा के दाएं और बाएं रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक स्वरूप एक-एक सुपारी रखें. 


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