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Chaitra Navratri 2026: कलश स्थापना का सही तरीका क्या है? जानें नवरात्रि में कलश में क्या-क्या डालना चाहिए

Chaitra Navratri 2026: प्रयागराज से पंडित शिप्रा सचदेव ने बताया, कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 6:50 बजे से 7:52 बजे तक है. इसके अलावा अभिजित मुहूर्त 12:05 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा. इस बार सिर्फ यही दो मुहूर्त हैं, इसलिए अगर आप कलश स्थापना करना चाहते हैं तो इन समयों में ही करना सबसे अच्छा रहेगा.

Chaitra Navratri 2026: कलश स्थापना का सही तरीका क्या है? जानें नवरात्रि में कलश में क्या-क्या डालना चाहिए
कलश स्थापना का सही तरीका क्या है?

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान माता के नौ रूपों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस साल चैत्र नवरात्रि 19 तारीख से शुरू हो रहे हैं और इसी दिन हिंदू नववर्ष भी प्रारंभ हो रहा है. इसलिए भी यह दिन बेहद खास है. नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा तिथि पर होने वाली घटस्थापना यानी कलश स्थापना से होती है. इसे नवरात्रि पूजा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. विधि-विधान से कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है. आइए जानते हैं कलश स्थापना का सही तरीका क्या है, कलश स्थापना का मुहूर्त क्या रहेगा और नवरात्रि में कलश में क्या-क्या डालना चाहिए- 

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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

प्रयागराज से पंडित शिप्रा सचदेव ने बताया, कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 6:50 बजे से 7:52 बजे तक है. इसके अलावा अभिजित मुहूर्त 12:05 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा. इस बार सिर्फ यही दो मुहूर्त हैं, इसलिए अगर आप कलश स्थापना करना चाहते हैं तो इन समयों में ही करना सबसे अच्छा रहेगा. कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ करना चाहिए.

कलश स्थापना का सही तरीका क्या है?

पंडित ने कहा, आप जब कलश स्थापना करेंगे, तो इसमें आपकी श्रद्धा, भक्ति और मनवांछित इच्छा शामिल होनी चाहिए. स्थापना के समय नौ लौंग ले सकते हैं, उन्हें कलावे में बांधकर माला बना लीजिए और माता के गले में पहले दिन अर्पित कीजिए. इससे मां का संपूर्ण और अच्छा आशीर्वाद आपके ऊपर बना रहेगा. पंडित शिप्रा ने कहा कि कलश के लिए आप सोने, चांदी या किसी भी धातु का कलश ले सकते हैं, लेकिन सबसे शुभ मिट्टी का कलश माना जाता है. 

कलश में क्या-क्या डालना चाहिए?

इसमें सबसे पहले जल भरिए, थोड़ा सा गंगाजल, हल्दी का एक गाठ, सुपारी, दो लौंग और दो इलायची डालिए. साथ में एक सिक्का, थोड़ा सा अक्षत और फूल भी डाल सकते हैं. इसके बाद आप पांच या सात आम के पत्ते या अशोक के पत्ते रख सकते हैं.

इसके बाद कलश के ऊपर एक दियली रखिए और उसमें चावल भरिए. फिर नारियल को लाल कपड़े में अच्छे से बांधकर कलश के ऊपर रखें. इस पूरी प्रक्रिया के बाद कलश को माता के चरणों में समर्पित करें.

बता दें कि चैत्र नवरात्रि 2026 में महाअष्टमी 26 मार्च (गुरुवार) और रामनवमी 27 मार्च (शुक्रवार) को मनाई जाएगी. अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन किया जाएगा.

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