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महाशिवरात्रि पर होने जा रही है अद्भुत खगोलीय घटना, महाकुंभ में अमृत स्नान जैसा संयोग, एक लाइन में नजर आएंगे 7 ग्रह

Mahashivratri 2025: इस साल महाशिवरात्रि पर अद्भुत संयोग होने जा रहा है. महाशिवरात्रि पर ग्रहों का एक सीध में आना ऐसी परिघटना है जो कई वर्षों में एक बार होती है. यहां जानिए इस विशेष संयोग के बारे में.

महाशिवरात्रि पर होने जा रही है अद्भुत खगोलीय घटना, महाकुंभ में अमृत स्नान जैसा संयोग, एक लाइन में नजर आएंगे 7 ग्रह
Rare Cosmic Event On Mahashivratri: इस खगोलीय संयोग को ग्रहों की परेड कहा जा रहा है.  

Rare Celestial Alignment: महाशिवरात्रि के साथ ही महाकुंभ का समापन हो रहा है. महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान आज महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के दिन हो रहा है. ऐसे में आज संगम में डुबकी लगाना अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, संगम का स्नान सिर्फ एक इसी वजह से खास नहीं है बल्कि महाशिवरात्रि के अवसर पर अद्भुत खगोलीय घटना होने के चलते भी महाकुंभ (Mahakumbh) में संगम में डुबकी लगाना शुभ माना जा रहा है. महाशिवरात्रि के अवसर पर आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है. 7 ग्रह यानी बुध, बृहस्पति, मंगल, यूरेनस, शनि और नेप्च्यून सीधी रेखा में नजर आने वाले हैं. आसमान साफ होने पर इन ग्रहों को नग्न आंखों से भी देखा जा सकता है. 

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क्या होती है प्लेनेट्स की परेड 

सौरमंडल में ग्रह सूर्य के चारों तरफ घूमते हैं लेकिन प्लेनेट परेड (Planet Parade) या प्लेनेट अलाइनमेंट में सभी ग्रह एक सीध में आ जाते हैं. इस घटना को अत्यधिक दुर्लभ माना जाता है. 

धार्मिक रूप से माना जा रहा है बेहद शुभ 

इस अद्भुत खगोलीय घटना को धार्मिक रूप से बेहद शुभ माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि महाशिवरात्रि के दिन बनने जा रहे इस संयोग से नकारात्मकता कम होगी, विश्व शांति प्रबल होगी और खुशहाली आएगी. इन ग्रहों की इस अलाइनमेंट को महाकुंभ में अमृत स्नान (Amrit Snan) जितना शुभ माना जा रहा है और इस दिन संगम में डुबकी लगाने का महत्व कई गुणा तक बढ़ गया है. मान्यतानुसार, संगम स्नान से मां गंगा और भगवान शिव का आशीर्वाद भक्तों को मिलेगा और साथ ही पितृदोष दूर करने के लिए भी यह अवसर अच्छा है.

बनने जा रहे हैं खास योग 

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी की सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर शुरू होकर अगले दिन 27 फरवरी की सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगी.

महाकुंभ का आरंभ 13 जनवरी, पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ हुआ था और इसका समापन 26 फरवरी महाशिवरात्रि के शाही स्नान के साथ हो रहा है. महाशिवरात्रि पर अमावस्या पर बनने वाले ग्रहों के शुभ योग महाशिवरात्रि पर भी बनते हुए दिख रहे हैं और इन्हें बलवान माना जा रहा है. महाशिवरात्रि पर कुंभ राशि में चंद्रमा के साथ बुध, शनि और सूर्य भी होंगे. इसके अलावा, मीन राशि में शुक्र और राहु हैं और मिथुन राशि में मंगल हैं. इस दिन वृषभ राशि में बृहस्पति हैं. ऐसे में सभी नकारात्मक कहे जाने वाले ग्रहों का शुभ राशियों में होना अच्छा माना जा रहा है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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