कर्नाटक चुनाव : एग्जिट पोल के नतीजे बता रहे हैं कि एचडी देवेगौड़ा की पार्टी किंगमेकर बन सकती है
- कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा के आसार
- बीजेपी बन सकती है बड़ी पार्टी
- जेडीएस ने बीजेपी को समर्थन देने से किया इनकार
नई दिल्ली:
कर्नाटक में एग्जिट पोल के नतीजे त्रिशंकु विधानसभा की ओर संकेत दे रहे हैं. इनको माना जाये तो पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की पार्टी की जनता दल सेक्युलर 'किंगमेकर' की भूमिका में आ सकती है. लेकिन इसी बीच कांग्रेस के लिए एक थोड़ी अच्छी और बीजेपी के लिए बुरी के लिये बुरी खबर आई है. जेडीएस की ओर ऐसी किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा है कि वो राज्य में सरकार बनाने के लिए बीजेपी को समर्थन दे सकती है. जेडीएस के प्रवक्ता दानिश अली से जब एनडीटीवी ने पूछा कि अगर कांग्रेस को भी बहुमत नहीं मिलता तो उनका जवाब था कि यह कांग्रेस की 'जिम्मेदारी' है कि वह समर्थन के लिए 'संवाद' करे. मतलब जेडीएस की ओर से कांग्रेस के लिये थोड़ी उम्मीद दिखाई दे रही है और अगर कांग्रेस को समर्थन की जरूरत पड़ती है तो देवगौड़ा की पार्टी समर्थन दे सकती है.
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गौरतलब है कि 9 एग्जिट पोल के नतीजों इस कर्नाटक में त्रिशंकु नतीजे की ओर इशारा कर रहे हैं. हालांकि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है. लेकिन बहुमत के लिए 122 सीटें चाहिये. बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीटों का बड़ा अंतर नहीं रह सकता है. ऐसे हालात में दोनों ही दलों को जेडीएस के समर्थन की जरूरत पड़ेगी. जेडीएस को 31 सीटों के आसपास मिलती दिखाई रही हैं जो उसे किंगमेकर बन सकती है.
वीडियो : क्या कर्नाटक में सही साबित एग्जिट पोल
एनडीटीवी से बातचीत में दानिश अली ने कहा, 'बीजेपी के साथ जाने का सवाल नहीं उठता. अगर कांग्रेस बहुमत खो देती है, अगर कांग्रेस को 100 से कम सीटें आती हैं, तो यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है और यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वह 2019 का चुनाव कैसे लड़ती है. यह सिर्फ जेडीएस की अकेले की जिम्मेदारी नहीं है कि वह हर समय अपने धर्मनिरपेक्ष होने का प्रमाण देती रही.
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एनडीटीवी से बातचीत में दानिश अली ने कहा, 'बीजेपी के साथ जाने का सवाल नहीं उठता. अगर कांग्रेस बहुमत खो देती है, अगर कांग्रेस को 100 से कम सीटें आती हैं, तो यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है और यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वह 2019 का चुनाव कैसे लड़ती है. यह सिर्फ जेडीएस की अकेले की जिम्मेदारी नहीं है कि वह हर समय अपने धर्मनिरपेक्ष होने का प्रमाण देती रही.
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