- दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर रविवार शाम एक कार में तीन लोगों की मौत का रहस्य पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है
- मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल, जिनकी पहचान रणधीर सिंह, शिव नरेश सिंह और लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है
- जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है लेकिन परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और पुलिस जांच जारी है
दिल्ली के व्यस्ततम इलाकों में से एक पीरागढ़ी चौक उस वक्त दहशत फैल गई, जब रविवार शाम फ्लाईओवर पर खड़ी एक लावारिस कार के अंदर से एक साथ तीन लाशें बरामद हुईं. मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं. ये ट्रिपल डेथ मिस्ट्री कई तरह के सवाल खड़े कर रही है. जैसे वो कार फ्लाईओवर पर क्या कर रही थी. सामूहिक आत्महत्या करने वाले तीनों मृतकों का क्या कनेक्शन है? लेकिन इस बारे में अहम जानकारियां मिली हैं. पुलिस इस मामले में 2 लोगों से पूछताछ कर रही है. जांच में पता चला है कि कार में जिस महिला लक्ष्मी की मौत हुई है वो शिव नरेश की जानकार थी. दोनों काफी करीबी थे. शिव नरेश और रणधीर दोनों 6 साल से प्रॉपर्टी का काम करते थे. शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लगा रहा है. लेकिन कई एंगल से मामले की जांच जारी है. गाड़ी के अंदर पिछली सीट पर शिव नरेश का हेलमेट और ट्रैक शूट पड़ा हुआ है. लेकिन उनकी बाइक कहां है इसका पता नहीं. शिव नरेश मूलरूप से एटा यूपी के रहने वाले थे.
#WATCH | Visuals of the car in which three bodies, of two men and one woman, were found earlier today at the Peeragarhi flyover in outer Delhi.
— ANI (@ANI) February 8, 2026
According to the Delhi Police, preliminary investigation suggests it is a case of suicide. pic.twitter.com/KBKpkXz0Na
रविवार दोपहर करीब 3:51 बजे फायर विभाग को सूचना मिली कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक टाटा टिगोर कार (DL 7 CU 6492) संदिग्ध हालत में खड़ी है. जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो कार के अंदर का नजारा देख अधिकारियों के होश उड़ गए. कार के अंदर तीन लोग बेसुध पड़े थे, जिनकी मौत हो चुकी थी. मृतकों की पहचान रणधीर सिंह (76 वर्ष): निवासी बापरौला, दिल्ली, शिव नरेश सिंह (47 वर्ष) और लक्ष्मी देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई है.
गाड़ी के अंदर क्या मिला?
पुलिस को कार की तलाशी के दौरान कुछ सामान मिला है, जो इस रहस्य को और गहरा रहा है, इसमें सॉफ्ट ड्रिंक बोलत, हेलमेट, गमछा और ट्रैक सूट मिला है.
परिवार का दावा: "यह आत्महत्या नहीं, हत्या है"
मृतक रणधीर सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. रणधीर के भाई, बेटी और भतीजे ने पुलिस के 'सुसाइड' वाले शुरुआती अंदेशे को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने बताया, "वह आर्थिक रूप से बेहद मजबूत थे और स्वभाव से खुशमिजाज थे. सुबह वह नरेश के साथ घर से निकले थे. हमें शक है कि उनके साथ किसी ने अनहोनी की है या उनकी हत्या की गई है. वह आत्महत्या जैसा कदम कभी नहीं उठा सकते."
जांच के घेरे में 'तीन' का कनेक्शन
पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली यह है कि इन तीनों मृतकों का आपस में क्या रिश्ता था और वे उस वक्त वहां क्या कर रहे थे?
पुलिस की कार्रवाई * CCTV खंगाल रही टीम
पुलिस कार के रूट को ट्रैक करने के लिए पीरागढ़ी और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज निकाल रही है. डीसीपी आउटर और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट से साफ होगा कि मौत जहर से हुई है, दम घुटने से या किसी और वजह से.
क्या कहती है दिल्ली पुलिस?
मामले की गंभीरता को देखते हुए आउटर दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया, "हमें शाम करीब 4 बजे सूचना मिली थी कि गाड़ी में तीन लोग अचेत अवस्था में हैं. परिजनों से पूछताछ की जा रही है. तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है. वे एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन इस वक्त कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी."
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