दिल्ली पुलिस की साइबर साउथ टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक संगठित साइबर गैंग का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 18 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 15 सिम कार्ड समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक, एक महिला ने शिकायत दी थी कि उसके साथ डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 7.22 लाख रुपये की ठगी की गई. ठगों ने खुद को मुंबई एटीएस, आईपीएस अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताकर महिला को डराया. उसे लगातार व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर रखा गया और कार्रवाई का डर दिखाकर RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर करवा लिए गए.
मामले में साइबर साउथ थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई. पुलिस ने बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की तो पता चला कि ठगी की रकम पहले पश्चिम बंगाल के एक बैंक खाते में पहुंची और बाद में कई खातों में घुमाई गई.
जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते, सिम कार्ड और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराते थे. पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना और हावड़ा में छापेमारी कर तीन आरोपियों समीरन रॉय, प्रिंस शॉ और समर चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस के अनुसार, आरोपी साइबर ठगों के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट' उपलब्ध कराते थे. इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया जाता था. जांच में इनके तार अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों से जुड़े होने की भी जानकारी मिली है.
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