विज्ञापन

दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति का आवंटन 70% तक बढ़ाया, इन्हें मिलेगी प्राथमिकता

सरकार ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन का लाभ उठाने के लिए, सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक एलपीजी उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना होगा और अपने-अपने शहरों में शहरी गैस वितरण इकाई के पास पीएनजी के लिए आवेदन करना होगा.

दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति का आवंटन 70% तक बढ़ाया, इन्हें मिलेगी प्राथमिकता
  • दिल्ली सरकार ने केंद्र के निर्देशों के बाद कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति का कोटा 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है
  • कोटा वृद्धि में स्टील, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, रसायन और प्लास्टिक जैसे श्रम आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है
  • उद्योगों को प्रतिदिन एक हजार आठ सौ और होटल व फूड सेक्टर को तीन हजार तीन सौ पचहत्तर सिलेंडर आवंटित किए जाएंगे
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार का कोटा बढ़ाने के बाद दिल्ली सरकार ने भी कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति का आवंटन 70% तक बढ़ा दिया है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के बाद, पहले से लागू 50% आपूर्ति में अतिरिक्त 20% बढ़ोतरी की गई है, जिससे कमर्शियल एलपीजी उपलब्धता अब पहले के स्तर के 70% तक पहुंच गई है. इसमें स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डाई, केमिकल और प्लास्टिक जैसे श्रम आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है, जहां एलपीजी का कोई विकल्प नहीं है.

संशोधित आदेश में उद्योगों को (1800 सिलेंडर/दिन) और होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी सेक्टर को (3375 सिलेंडर/दिन) बड़ा हिस्सा दिया गया है. इसके अलावा आवश्यक सेवाओं को (225 सिलेंडर/दिन) और मजदूरों व छात्रों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर (684 सिलेंडर/दिन) उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली में न तो कोई पैनिक है और न ही जमाखोरी की स्थिति है. लगातार निगरानी में बुकिंग और सप्लाई पूरी तरह सामान्य पाई गई है. “किसी भी तरह की कमी नहीं है, सप्लाई पूरी तरह स्थिर है.

दरअसल केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर्स के आवंटन का कोटा बढ़ाकर कुल मांग का 70 प्रतिशत कर दिया था, जो कि पहले 50 प्रतिशत था. इससे उन उद्योगों को राहत मिलेगी, जो कि बड़े स्तर पर अपने संचालन के लिए एलपीजी पर निर्भर है.

70 प्रतिशत कोटे में इस्पात, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, रंगाई, रसायन और प्लास्टिक जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि ये अन्य आवश्यक उद्योगों को भी सहयोग प्रदान करते हैं. इन क्षेत्रों में, प्रक्रिया उद्योगों या उन उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें हिटिंग के लिए एलपीजी की आवश्यकता होती है और जिनका विकल्प प्राकृतिक गैस नहीं हो सकता.

सरकारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में किए जा रहे 50 प्रतिशत आवंटन के अतिरिक्त, 20 प्रतिशत का और आवंटन प्रस्तावित है, जिससे कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन संकट-पूर्व स्तर के पैक किए गए गैर-घरेलू एलपीजी के 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा.

हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन का लाभ उठाने के लिए, सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक एलपीजी उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना होगा और अपने-अपने शहरों में शहरी गैस वितरण इकाई के पास पीएनजी के लिए आवेदन करना होगा.

Latest and Breaking News on NDTV

इससे पहले 21 मार्च को जारी किए गए अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन में रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण/डेयरी, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन/आउटलेट, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो (मुक्त व्यापार एलपीजी) एफटीएल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई थी.

पेट्रोलियम मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 25 मार्च तक प्रवासी श्रमिकों को 37,000 से अधिक 5 किलो एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं. एलपीजी सिलेंडरों का वितरण राज्य सरकारों और जिला अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों या उपभोक्ताओं के अपने निर्णय के आधार पर किया जाएगा.

इस बीच, ईरान ने संकेत दिया है कि वह एलपीजी ले जाने वाले अधिक भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देगा. यह घटनाक्रम भारत सरकार द्वारा इस मुद्दे पर ईरानी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद सामने आया है.

इसे भी पढ़ें: 'हर 15 दिनों पर तेल की कीमत का रिव्यू किया जाएगा', सरकार का बड़ा ऐलान

इसे भी पढ़ें: 'LPG लेकर चार और जहाज होर्मुज से आ रहे हैं', विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में बोले रणधीर जायसवाल

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com