आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की और कथित पेपर लीक के खिलाफ उनके प्रदर्शन का समर्थन किया. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शन स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं, छात्रों और वांगचुक की बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को लेकर उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
'सरकार वांगचुक की बात सुने'
इस मौके पर केजरीवाल ने कहा कि हर साल परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होते हैं और इसकी कीमत युवाओं को चुकानी पड़ती है. मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह छात्रों और वांगचुक की बात सुने.उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पद छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए. केजरीवाल ने कहा कि मैं यहां एक प्रपोजल देना चाहता हूं. आप लोगों से सहमति चाहता हूं. प्रपोजल ये कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना ही चाहिए लेकिन उनकी जगह सोनम वांग्चुक को देश का एजुकेशन मिनिस्टर बनाना चाहिए.
'अन्ना आंदोलन को भी किया याद '
अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आज यहां आते हुए मुझे चार अप्रैल 2011 की याद आ गई, जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान मैं अन्ना हजारे के साथ इसी जगह बैठा था. तीन साल बाद वह सरकार सत्ता से बाहर हो गई, क्योंकि उसने लोगों की बात नहीं सुनी और जवाबदेही पर अहंकार को हावी होने दिया. वांगचुक की प्रशंसा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और बच्चों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
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