- अमित शाह ने दिल्ली में भारत टैक्सी लॉन्च किया जो देश का पहला सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है
- टैक्सी का उद्देश्य बिचौलियों को हटाकर सीधे टैक्सी ड्राइवरों को आर्थिक लाभ पहुंचाना है और उन्हें मालिक बनाना है
- ड्राइवरों को भारत टैक्सी से जुड़ने के लिए मात्र पांच सौ रुपये का निवेश करना होगा और निश्चित किराया मिलेगा
नई दिल्ली: भारत के टैक्सी क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी को दिल्ली में "भारत टैक्सी" को लॉन्च किया था. यह देश का पहला ऐसा राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है जो सहकारी मॉडल पर आधारित है. सोमवार को टैक्सी ड्राइवरों के साथ संवाद के दौरान अमित शाह ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को हटाकर सीधे उन लोगों को लाभ पहुंचाना है जो दिन-रात सड़कों पर पसीना बहाते हैं.
गृह मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों को सुनाई सोने के अंडे देने वाली मुर्गी की कहानी#BharatTaxi pic.twitter.com/bFh9C12wes
— NDTV India (@ndtvindia) February 23, 2026
शाह ने सुनाई सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की कहानी
अमित शाह ने कहा, "अंडे देने वाली मुर्गी की कहानी सबने सुनी है. एक व्यक्ति के घर की मुर्गी ने एक दिन सोने का अंडा दिया. अगले दिन भी दिया. तीसरे दिन वह बहुत खुश हुआ कि उसकी मुर्गी रोज सोने का अंडा दे रही है. लेकिन एक रात उसके मन में लालच आया. उसने सोचा- “जब यह रोज़ एक अंडा देती है, तो इसके अंदर तो और भी बहुत से सोने के अंडे भरे होंगे. क्यों न इसकी गर्दन काटकर सारे अंडे निकाल लूं?” अगले दिन उसने वैसा ही किया. लेकिन जब मुर्गी को काटा, तो अंदर एक भी अंडा नहीं मिला. लालच में उसने सब कुछ खो दिया. इसीलिए अपनी ही कंपनी को ‘अपनी मुर्गी' समझकर सहयोग और साझेदारी के सिद्धांत पर चलाना चाहिए. जैसे गाय का दूध का दोहन करते हैं, शोषण नहीं करते, वैसे ही भारत टैक्सी भी दूध का दोहन करेगी, आपका शोषण नहीं करेगी.
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी ड्राइवरों से बातचीत की।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2026
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी को दिल्ली में भारत का पहला कोऑपरेटिव-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म, भारत टैक्सी लॉन्च किया था। pic.twitter.com/zcMzwUIXg5
"ड्राइवर नहीं, अब आप हैं मालिक"
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने निजी कैब एग्रीगेटर्स की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ी कंपनियों का उद्देश्य केवल अपने मालिकों को अमीर बनाना होता है. उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारी सोच यह है कि मेहनत जो कर रहा है, फायदा भी उसी को मिलना चाहिए. किसी अमीर को नहीं. निजी कंपनियों में आपकी कमाई का 30% हिस्सा कट जाता था और कोई निश्चितता नहीं थी. भारत टैक्सी का उद्देश्य भी मालिकों को अमीर बनाना है, बस फर्क इतना है कि यहां मालिक आप (ड्राइवर) हैं."
#WATCH | Delhi: Union Home and Cooperation Minister Amit Shah says, "The concept is that the one who is working hard, the one who is toiling, should get the profit, not some rich man. Why did we come up with the idea of Bharat Taxi? You said that there were a lot of complaints,… https://t.co/EljCdJLQoT pic.twitter.com/GRiVkmgfHM
— ANI (@ANI) February 23, 2026
शाह ने बताया- कितने रुपए से करना होगा निवेश?
इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने की प्रक्रिया और भविष्य के आर्थिक लाभ को समझाते हुए गृह मंत्री ने एक पारदर्शी खाका पेश किया. ड्राइवरों को केवल 500 रुपये का निवेश करना होगा. ड्राइवरों को उनकी सेवाओं के लिए तत्काल और निश्चित किराया मिलता रहेगा. 3 साल के धैर्य के बाद, कंपनी के मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा ड्राइवरों में बांटा जाएगा.
#WATCH | Delhi: Union Home and Cooperation Minister Amit Shah says, "You only need to invest Rs 500. What will happen after three years? Suppose Bharat Taxi earns Rs 25 crore, then 20% of this Rs 25 crore, that is Rs 5 crore, will be deposited in Bharat Taxi's account as your… https://t.co/EljCdJLQoT pic.twitter.com/1udovmiBRc
— ANI (@ANI) February 23, 2026
ड्राइवरों को कैसे मिलेगा मुनाफा
यदि भारत टैक्सी भविष्य में लाभ कमाती है, तो मुनाफा ड्राइवरों को कैसे मिलेगा. इसके बारे में भी शाह ने बताया. उन्होंने कहा, " तीन साल बाद क्या होगा? मान लीजिए भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये कमाती है, तो इस 25 करोड़ का 20% यानी 5 करोड़ रुपये भारत टैक्सी के खाते में आपकी पूंजी के रूप में जमा होगा, और 80% आपकी टैक्सी ने कितने किलोमीटर चलाए, उसके आधार पर आपके खाते में वापस आएगा. अभी तो आपको निश्चित किराया मिलने वाला है. लेकिन आप मालिक हैं, तो आपको मुनाफे में भी हिस्सा मिलना चाहिए. यह हिस्सा आपको मिलेगा, लेकिन पहले तीन साल धैर्य रखना होगा.”
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