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1,500 KM पीछा, घने जंगल और 45 लाख की रिकवरी; दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन हिमालय' की पूरी कहानी

दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन हिमालय' चलाकर एक हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं.

1,500 KM पीछा, घने जंगल और 45 लाख की रिकवरी; दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन हिमालय' की पूरी कहानी
  • दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में हनी ट्रैप लूट गिरोह ने व्यापारी रमेश लाल से 15 लाख नकद और 22 आईफोन लूटे थे
  • पुलिस ने जम्मू कश्मीर के दुर्गम जंगलों में आठ दिनों तक सर्चिंग कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया
  • पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के घर से जमीन में दबाए गए 15 लाख रुपये और 21 आईफोन बरामद किए हैं
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नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में एक व्यापारी को अपना शिकार बनाने वाले शातिर हनी ट्रैप लूट गिरोह का दिल्ली पुलिस ने फिल्मी अंदाज में भंडाफोड़ किया है. उत्तर जिले की पुलिस टीम ने जम्मू कश्मीर के दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों में 8 दिनों तक डेरा डालकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने लूटे गए 15 लाख रुपये नकद और 30 लाख रुपये के 22 आईफोन बरामद कर लिए हैं.

क्या था पूरा मामला?

घटना 17 फरवरी की है. जम्मू निवासी रमेश लाल, जो एक मोबाइल शॉप में काम करते हैं, व्यापार के सिलसिले में निजी बस से दिल्ली पहुंचे थे. उनके पास 15 लाख कैश और 22 नए आईफोन थे. सुबह करीब 7:15 बजे जैसे ही वह मजनू का टीला उतरे, उन्हें 3 पुरुषों और 3 महिलाओं ने घेर लिया.

महिलाओं ने रमेश पर सरेआम छेड़खानी और बदतमीजी का झूठा आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया. इसी शोर शराबे और गहमागहमी का फायदा उठाकर आरोपी पुरुष उनका बैग लेकर चंपत हो गए. हालांकि, पीड़ित की सूझबूझ और जनता की मदद से पुलिस ने मौके पर ही तीन महिला आरोपियों हशू बीबी, जुना बेगम और मनीवा अख्तर को दबोच लिया.

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8 दिन सर्चिंग, 1500 किलोमीटर और खौफनाक जंगल

डीसीपी नॉर्थ राजा बांठिया और एसीपी बुराड़ी शशिकांत गौड़ के मार्गदर्शन में बनी स्पेशल स्टाफ की टीम  के लिए असली चुनौती फरार मास्टरमाइंड और उसके साथियों को पकड़ना था.

  • चंडीगढ़ में पहली कामयाबी: तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी मोहम्मद फारूक को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया, जब वह अग्रिम जमानत के लिए वकील से मिलने जा रहा था.
  • उधमपुर के जंगलों में कठिन ऑपरेशन: आरोपी तारिक हुसैन को पकड़ने के लिए पुलिस जम्मू कश्मीर के उधमपुर पहुंची. वहां सड़क नाम की कोई चीज नहीं थी. घने जंगलों, पहाड़ों और ऊबड़ खाबड़ रास्तों पर पुलिस टीम 5 दिनों तक बिना किसी सुविधा के रही.
  • जमीन में दबा मिला लूट का माल: करीब 1500 किमी के सफर और रात भर जंगलों में खाक छानने के बाद पुलिस ने तारिक को गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर उसके घर में मवेशियों के बाड़े के नीचे जमीन में गाड़ कर छिपाए गए 13 लाख रुपये और 21 आईफोन बरामद किए गए.
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मास्टरमाइंड परवेज  की तलाश जारी

पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड परवेज नाम का व्यक्ति है, जिसने टिप दी थी कि रमेश लाल भारी कैश लेकर दिल्ली जा रहा है. परवेज ने ही महिलाओं को मोलेस्टेशन का नाटक करने की ट्रेनिंग दी थी ताकि भीड़ का ध्यान भटकाया जा सके.

कौन-कौन गिरफ्तार?

गिरफ्तार आरोपियों में मनीवा अख्तर (24) मुख्य साजिशकर्ता, जिसने अन्य महिलाओं को लालच देकर दिल्ली बुलाया. जुना बेगम और हशू बीबी मनीवा की सहेलियां, जो आसान पैसे के चक्कर में गिरोह में शामिल हुईं . तारिक हुसैन (33) उधमपुर में दो बसों का मालिक, जिसने लूट का माल छिपाने में मदद की. मोहम्मद फारूक (28) ग्रेजुएट युवा, जो इस अपराध में शामिल था.

नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 'यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था. टीम ने धुंध और कम विजिबिलिटी और बिना सड़क वाले इलाकों में पहाड़ों पर पैदल चलकर आरोपियों का पीछा किया. हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि 100% रिकवरी रही.' फिलहाल पुलिस मास्टरमाइंड परवेज की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

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