शुंगलू समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि केजरीवाल सरकार का आप को आफिस देना अवैध है.
नई दिल्ली:
दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी को दफ्तर देने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई वह अवैध है. दिल्ली सरकार ने दिल्ली में आईटीओ के पास दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर 206, rouse एवेन्यू 'आप' को दफ्तर के लिए आवंटित किया है. शुंगलू समिति ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने इसके लिए पॉलिटिकल पार्टियों को दफ्तर के लिए जमीन देने की बाकायदा नई पालिसी बनाई जिसमें ये भी कहा गया कि जमीन पाने योग्य पार्टियों को 5 साल तक कोई इमारत या बंगला दिया जा सकता है क्योंकि इतने समय में वह अपनी आवंटित ज़मीन पर दफ़्तर बना सकते हैं.
समिति की रिपोर्ट में कहा गया है 'लैंड दिल्ली सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं इसलिए आदेश रद्द होना चाहिए. यह साफ है कि पॉलिटिकल पार्टी को जमीन देने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि आम आदमी पार्टी को सरकारी आवास मिल सके.'
रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 जनवरी 2016 को आम आदमी पार्टी को यह घर मिल गया वह भी फुली फर्निस्ड जैसे किसी मंत्री को मिलता है. कैबिनेट फैसले में फर्निस्ट एकमोडेशन का जिक्र नहीं. फाइल में किराए का कोई जिक्र नहीं है.
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को घर दिया गया जबकि वे आमतौर पर इसकी हकदार नहीं हैं. विशेष मामले में ऐसा किया जा सकता है लेकिन उसके लिए एलजी की मंजूरी जरूरी है जो नहीं ली गई.
समिति की रिपोर्ट में कहा गया है 'लैंड दिल्ली सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं इसलिए आदेश रद्द होना चाहिए. यह साफ है कि पॉलिटिकल पार्टी को जमीन देने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि आम आदमी पार्टी को सरकारी आवास मिल सके.'
रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 जनवरी 2016 को आम आदमी पार्टी को यह घर मिल गया वह भी फुली फर्निस्ड जैसे किसी मंत्री को मिलता है. कैबिनेट फैसले में फर्निस्ट एकमोडेशन का जिक्र नहीं. फाइल में किराए का कोई जिक्र नहीं है.
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को घर दिया गया जबकि वे आमतौर पर इसकी हकदार नहीं हैं. विशेष मामले में ऐसा किया जा सकता है लेकिन उसके लिए एलजी की मंजूरी जरूरी है जो नहीं ली गई.
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